नेपाल बाढ़ः 9 दिन बाद सुरंग से निकाले गए मजदूर ने सुनाई आपबीती
नेपाल के त्रिशूली 3-ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 9 दिनों तक फंसने के बाद ज़िंदा निकाले गए संजय साह ने अपनी आपबीती सुनाई है.
वो कहते हैं, 'हमें नहीं पता था बाहर दिन हो रही है या रात, कौन सा दिन है, तारीख़ या समय. क्योंकि अंदर सिर्फ़ अंधेरा था. मैंने पूरे समय अपनी आँखें बंद कर रखी थीं, क्योंकि मुझे डर था कहीं कोई चीज़ मेरे आँख में न लग जाए.'
उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में मुझे लगा था कि हमें बाहर निकालने में 10, 20 या 30 दिन तो लग ही जाएंगे. मुझे बचाया न जा रहा होता तो भी मुझे खु़द पर भरोसा करने की ज़रूरत थी. मैंने अपने परिवार के बारे में सोचा, ये सोचा कि वो कितने परेशान होंगे.'
वो कहते हैं, 'वहां(सुरंग में) ज़िंदा रहने के लिए मेरा हिम्मत जुटाना ज़रूरी था. भले ही मैं मर जाता, लेकिन मैं आसानी से हार नहीं मानना चाहता था.'
'मैं सुरंग में रहा और बार-बार महा मंत्र का जाप करता रहा. मुझे निकाले जाने से क़रीब 10-12 घंटे पहले एक धमाके का शोर सुनाई दिया. मैंने खुदाई करने वाली मशीनों की आवाज़ भी सुनी और तभी मेरे मन उम्मीद की एक किरण जगी.'
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.



