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3 जंगली कुत्ते, 8 महीने और 4,000 किलोमीटर लंबा सफ़र
- Author, हेलेन ब्रिग्स
- पदनाम, पर्यावरण संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 5 मिनट
अफ़्रीकी जंगली कुत्तों के एक झुंड ने ज़ाम्बिया में 2,485 मील (4,000 कि.मी.) की रिकॉर्ड तोड़ यात्रा पूरी की है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह किसी भी अफ़्रीकी स्थलीय स्तनधारी द्वारा साथी की तलाश में तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी है.
इससे ये भी संकेत मिले हैं कि बढ़ते मानवीय दबाव के बावजूद वन्यजीव विशाल दूरियों तक यात्रा कर सकते हैं.
ये तीनों कुत्ते जो भाई हैं, ज़ाम्बिया में टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यात्रा करते हुए व्यस्त शहरी इलाक़ों से भी गुज़रे.
यही नहीं ये कुत्ते प्रमुख शहरों समेत कई बाधाओं से भी बच रहे थे.
हालांकि, इस अध्ययन में जीपीएस कॉलर की मदद से ट्रैक किए गए कई अन्य जंगली कुत्ते अवैध जाल में फंसकर मर गए. इससे उनके सामने आने वाले ख़तरे भी पता चलते हैं.
सिर्फ़ 6,000 कुत्ते बचे
इसी अध्ययन में शामिल तीन बहनों ने भी लगभग ऐसी ही रिकॉर्ड यात्रा पूरी कर ली थी, लेकिन जब उनमें से एक जाल में फंस गई तो उन्होंने आगे बढ़ना बंद कर दिया.
अफ़्रीकी जंगली कुत्ते अफ़्रीका के सबसे दुर्लभ शिकारी जीवों में से हैं. अनुमानों के मुताबिक़, अब इनकी जंगलों में केवल लगभग 6,000 संख्या ही बची है.
ये जंगली कुत्ते सामाजिक समूहों में रहते हैं और एक साथ शिकार करते हैं. नए क्षेत्र और अन्य समूहों और प्रजनन के अवसरों की तलाश में ये व्यापक रूप से घूमने के लिए जाने जाते हैं. कई बार ये सैकड़ों किलोमीटर की यात्राएं करते हैं.
ये कुत्ते जिस झुंड में पैदा होते हैं, उसी में प्रजनन नहीं कर सकते हैं. इसलिए वे या तो इंतज़ार करते हैं और आख़िरकार अपने झुंड के उत्तराधिकारी बन जाते हैं या फिर दो या तीन साल की उम्र में साथी की तलाश में निकल पड़ते हैं.
आठ महीनों के अंतराल में इन भाइयों ने सीधी रेखा में लगभग 260 मील की दूरी तय की, लेकिन उबड़-खाबड़ भूभाग को पार करते हुए कुल मिलाकर इससे लगभग 10 गुना अधिक दूरी तय की.
इस प्रकार की यात्राओं को डिसपर्सल (फैलाव) के रूप में जाना जाता है यानी साथी की तलाश में एक ही दिशा में यात्रा करना. यह प्रवास से अलग व्यवहार है, प्रवास के दौरान जानवर भोजन या आवास की तलाश में मौसम के साथ आगे-पीछे घूमते हैं और अपने स्थानों पर वापस लौटकर आते हैं.
अफ़्रीका के वाइल्डबीस्ट के माइग्रेशन को अफ्रीका के सबसे लंबे प्रवास के रूप में पहचाना गया है. प्रवासी प्रजातियों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के मुताबिक़ यह वाइल्डबीस्ट चारागाह और पानी की तलाश में मौसम के हिसाब से तंज़ानिया और कीनिया के बीच 400 मील से अधिक की दूरी तय करते हैं.
लंबी दूरी तय करने वाले जानवर
विश्व स्तर पर, कैरिबू किसी भी जानवर की तुलना में सबसे लंबी यात्रा करते हैं. यह एक गोल यात्रा में 839 मील की यात्रा करते हैं. ग्रे भेड़ियों को एक वर्ष में 4,350 मील से अधिक की यात्रा करते हुए दर्ज किया गया है.
इस मामले में, दूरी से भी ज़्यादा अहम शायद वह रास्ता था जिसे जंगली कुत्तों ने ज़ाम्बिया से होकर तय किया.
वे ऐसे इलाक़ों में घूमते रहे जहां वन्यजीवों की भारी संख्या थी. वे ऐसे इलाक़ों से भी गुज़रे जो मानव निर्मित बाधाओं से भरे पड़े थे, इनमें राजधानी लुसाका और कई बेहद विकसित भारी औद्योगिक इलाक़े भी शामिल थे.
अध्ययन से पता चलता है कि पूर्वी और दक्षिणी अफ़्रीका में जंगली कुत्तों की आबादी संरक्षणवादियों के पहले के अनुमानों की तुलना में एक-दूसरे से ज़्यादा जुड़ी हुई हो सकती हैं.
इस शोध पत्र के प्रमुख लेखक और 1991 से अफ़्रीकी जंगली कुत्तों पर अध्ययन कर रहे मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफे़सर स्कॉट क्रील कहते हैं कि सावधान होकर देखा जाए तो यह अध्ययन उम्मीद पैदा करता है.
उन्होंने कहा, "यह मानना तर्कसंगत है कि पूर्वी और दक्षिणी अफ़्रीका में, बाड़ से घिरे क्षेत्रों को छोड़कर, जंगली कुत्तों की हर प्रमुख आबादी संभावित रूप से एक दूसरे से जुड़ी हुई है."
लेकिन उन्होंने अवैध शिकार के ख़तरों को रेखांकित करते हुए संरक्षण के संदर्भ में कहा, "हम यह कह सकते हैं कि गिलास आधा ख़ाली भी है और आधा भरा भी है."
हालांकि, तीनों नर जंगली कुत्तों ने यह लंबी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली, लेकिन तीन मादा कुत्तों में से दो की मौत हो गई.
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान एक पैटर्न देखा. झुंड के ज़िंदा सदस्य बार-बार उसी जगह लौट रहे थे. अक्सर ऐसा तब होता है, जब किसी साथी की मौत हो जाती है.
'इकोलॉजी' नामक पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में संरक्षित क्षेत्रों के बाहर प्राकृतिक रास्ते बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है. ऐसे रास्ते सड़कों, कस्बों और खेतों से अलग हुए वन्यजीव क्षेत्रों को आपस में जोड़ते हैं.
इस शोध के सह-लेखक और पर्यावरण संस्था 'द नेचर कंज़र्वेंसी' के काफ़ू कंज़र्वेशन निदेशक ब्रूस एलेन्डर ने कहा कि जंगली कुत्तों और हाथियों जैसी प्रजातियों को बचाने के लिए ऐसे इलाक़े बनाने होंगे, जो आपस में जुड़े हों.
उन्होंने कहा, "हम इन संरक्षित क्षेत्रों को अलग-अलग द्वीपों की तरह नहीं देख सकते और यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे लंबे समय तक काम करते रहेंगे. हमें इससे कहीं व्यापक तरीके से सोचना होगा."
हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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