रेलवे में खाने-पीने की सुविधा पर IRCTC का बड़ा फ़ैसला

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भारतीय रेलवे की कंपनी आईआरसीटीसी ने ऑनबोर्ड सर्विस को लेकर अपने आदेश में बदलाव किया है.

अब यात्री रिफ्रेशमेंट रूम, प्लाज़ा , जन आहार और सेल किचेन से खाने की चीज़ें लेकर जा सकते हैं. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए आईआरसीटीसी ने पहले यात्रियों के लिए यह सुविधा बंद कर दी थी.

आईआरसीटीसी ने नया आदेश शनिवार को जारी किया है जो 22 मार्च से लागू होगा. नए आदेश में आईआरसीटीसी ने कहा कि यात्री इन जगहों से खाने-पीने की चीज़ें ले सकते हैं लेकिन वहां बैठकर खाने की अनुमति नहीं होगी.

शुक्रवार को आईआरसीटीसी ने 22 मार्च से सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनबोर्ड कैटरिंग सर्विस बंद करने का आदेश दिया था. आईआरसीटीसी ने अपने आधारिकारिक बयान में कहा, "हमने यात्रियों को होने वाली परेशानी को समझते हुए आदेश बदल दिया है क्योंकि उन्हें कहीं भी खाने की चीज़ें उपलब्ध नहीं होतीं."

नए आदेश के मुताबिक, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों अब सिर्फ चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, बिस्कुट और चाय-कॉफी की सुविधा ही मिलेगी. जबकि राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों में ऑनबोर्ड कैटरिंग सर्विस जारी रहेगी.

SBI देगा सस्ता आपातकालीन लोन

भारत के सबसे बड़े बैंक 'भारतीय स्टेट बैंक' ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित व्यापारियों के लिए आपातकालीन ऋण सुविधा शुरू की है, ताकि ग्राहकों की नकदी की कमी को पूरा किया जा सके.

एसबीआई ने शुक्रवार को परिपत्र जारी कर यह सूचना दी कि कोविड-19 आपातकालीन ऋण सुविधा (सीईसीएल) नाम से अतिरिक्त नकदी सुविधा की शुरुआत की गई है.

इसके तहत 200 करोड़ रुपये तक की धनराशि मुहैया कराई जाएगी और यह सुविधा 30 जून 2020 तक उपलब्ध होगी.

इसके तहत 12 महीने की अवधि के लिए 7.25 प्रतिशत की ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा.

बैंक ने सभी शाखाओं को भेजे परिपत्र में कहा कि जिन उधार लेने वालों का कारोबार कोविड-19 से प्रभावित हुआ है उन्हें कुछ हद तक राहत देने के लिए यह फ़ैसला किया गया है कि योग्य कर्जदारों को अतिरिक्त तरलता ऋण सुविधा मुहैया कराई जाए.

ओडिशा में भूकंप के झटके

शनिवार को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर ओडिशा के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए.

अधिकारियों ने बताया मलकानगिरी और उससे लगे इलाकों में महसूस किए गए भूकंप के झटकों की तीव्रता चार मापी गई है.

किसी किस्म के जानोमाल के नुक़सान की कोई ख़बर नहीं है.

भुवनेश्वर स्थित मौसम केंद्र के निदेशक एचआर बिस्वास ने बताया कि भूकंप का केंद्र छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से 42 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने मलकानगिरी के ज़िलाधिकारी के मनीष अग्रवाल के अधिकारी से बताया कि भूकंप की वजह से कोई हताहत नहीं हुआ है.

हालांकि एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि भले ही संपत्तियों को कोई नुक़सान न पहुंचा हो लेकिन मलकानगिरी शहर में भूकंप के बाद कई इमारतों में दरारें देखी गई हैं.

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