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सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने बताया कि वे कल जंतर-मंतर कब जाएंगे?
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इमेज कैप्शन, सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने रविवार को लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अजिंक्य शिंदे ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर रविवार को होने वाले प्रदर्शन के बारे में बात की है.
उन्होंने जारी वीडियो में कहा, "आज जंतर-मंतर पर हम उन 12 करोड़ वोटरों का अधिकार मांगने गए थे, जिनका मतदान का अधिकार ज्ञानेश कुमार ने छीन लिया है. फिर भी मोदी की तानाशाही सरकार ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ-साथ सभी छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया."
"उन्हें लगा होगा कि आज हिरासत में लेने के बाद सब डरकर घर निकल गए होंगे. लेकिन मोदी-शाह का यह डर दिखाता है कि हम आधी लड़ाई जीत चुके हैं. और यह एक नई लड़ाई की शुरुआत है."
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पिछली बार उन्होंने सरकार का अहंकार चूर-चूर कर दिया था, वैसे ही इस बार भी उसका अहंकार चूर-चूर करेंगे.
उन्होंने कहा, "जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं लेंगे, तब तक घर वापस नहीं जाएंगे."
उन्होंने कहा कि वह कल फिर सुबह 10 बजे जंतर-मंतर कूच करेंगे.
साथ ही उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की.
पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद ममता बनर्जी ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नई दिल्ली में द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया
दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रिहा कर दिया है.
हिरासत से रिहा होने के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "फिलहाल हम कुछ नहीं कहेंगे, क्योंकि कल इंडिया गठबंधन ने एकजुट होकर विरोध जताने का आह्वान किया है. हम सब साथ हैं. मैं व्यवस्था का उल्लंघन नहीं कर सकती. इस मामले में मैं बहुत अनुशासित हूं."
उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रपति ने कहा है कि हमारे पास कोई सबूत नहीं है. अगर जांच करनी है तो सबूत चाहिए. हमने उनसे कहा, 'ठीक है, हम सबूत देंगे."
पुलिस ने शनिवार को ममता बनर्जी समेत उनकी पार्टी के पांच नेताओं साउथ को एवेन्यू स्थित एक बस स्टैंड से हिरासत में लिया था.
उन्होंने बताया कि वो जंतर-मंतर जाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया. जिसके बाद वो अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गईं और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
अब सीजेपी आंदोलन का क्या होगा, नेताओं ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर ये बताया?
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इमेज कैप्शन, शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अजिंक्य शिंदे (बीच में)
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दिनभर हुई हिरासतों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और एसएफ़आई समेत कई छात्र संगठनों ने एचकेएस सुरजीत भवन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने घोषणा की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक हर दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च निकाला जाएगा.
उन्होंने अभिजीत दीपके और अन्य लोगों के साथ दिल्ली पुलिस के कथित बर्ताव की भी आलोचना की.
एसएफ़आई के महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने सरकार के ख़िलाफ़ व्यापक एकजुटता की अपील की.
उन्होंने कहा कि रविवार से छात्र आंदोलन देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे और पुलिस जहां भी बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकेगी, वही जगह उनका जंतर-मंतर बन जाएगी.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कई अन्य छात्र और युवा नेताओं ने भी हिस्सा लिया.
अभिनेता सुधन्वा देशपांडे, इतिहासकार सोहेल हाशमी और प्रोफ़ेसर नंदिता नारायण समेत कई बुद्धिजीवियों ने भी छात्र आंदोलन को समर्थन दिया.
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने रिहा किया
इमेज कैप्शन, नेहा बोरा के साथ योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, दीपांकर भट्टाचार्य को सफ़दरजंग फ़्लाईओवर से हिरासत में लिया गया था
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने रिहा कर दिया है. बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने इसकी पुष्टि की है.
नेहा बोरा के साथ योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, दीपांकर भट्टाचार्य को सफ़दरजंग फ़्लाईओवर से हिरासत में लिया गया था.
सीपीआईएमएल ने दावा किया था कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली के मैदान गढ़ी डिटेंशन सेंटर ले जाया गया है.
हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैं हिरासत में हूं. आंदोलन नहीं. लोग अभी सफ़दरजंग फ़्लाईओवर पर जुट रहे हैं. अगर पहुंच सकते हैं, तो पहुंचिए. अगर आपको रोका जाए, तो वहीं बैठ जाइए और डटे रहिए. हमें हिरासत में लिया गया है. लेकिन इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता."
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को लेकर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि हिरासत में होने की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संस्थापक अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, "अभिजीत दीपके की दादी के निधन की सूचना उन्हें तुरंत और पूरी संवेदनशीलता के साथ दे दी गई थी."
पुलिस ने यह भी कहा कि उन्हें अंतिम संस्कार के तय समय की जानकारी दी गई थी.
पुलिस के बयान के अनुसार, मानवीय आधार पर अभिजीत दीपके को उनके गृह नगर जाने में मदद के लिए हरसंभव सहायता की पेशकश भी की गई है.
अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का 85 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया.
वो काफ़ी समय से बीमार चल रही थीं. उनका निधन हिंगोली ज़िले में स्थित उनके पैतृक गांव संतुक पिंपरी में हुआ.
शनिवार शाम सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, "अभिजीत दीपके की दादी का निधन हो गया है, लेकिन उनके परिवार को इस दुखद खबर की जानकारी उन्हें देने नहीं दी जा रही है."
सीजेपी ने अभिजीत दीपके को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है.
प्रशांत किशोर ने बिहार में वोट ख़रीदने के लगाए आरोप, सीजेपी प्रोटेस्ट पर क्या कहा
इमेज कैप्शन, प्रशांत किशोर ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर जन सुराज के प्रमुख और बिहार विधानसभा सदस्य प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 'बिहार में सरकारी पैसे से वोट ख़रीदे गए और चुनाव आयोग ने इसमें मदद की.'
प्रशांत किशोर ने कहा, "समाज का एक बड़ा वर्ग पिछले 8 से 10 सालों में चुनाव आयोग के कामकाज और चुनाव कराने के तरीके से असंतुष्ट रहा है. यह सिर्फ ज्ञानेश कुमार का मामला नहीं है, बल्कि पूरी चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है."
"इसमें मतदाता सूची तैयार करना, फॉर्म 6 और 7 में बदलाव, एसआईआर के जरिए मतदाताओं के नाम हटाना, चुनाव की तारीखें तय करना, आदर्श आचार संहिता लागू करना, मतगणना में कथित गड़बड़ियां और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति शामिल हैं. इन सभी प्रक्रियाओं में ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग और उसके अधिकारी सत्ताधारी पार्टी की मदद कर रहे हैं."
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "आपने बिहार में देखा कि वोटिंग के दो दिन पहले तक सरकारी खजाने से दस दस हज़ार रुपये देकर, जनता के पैसे से ही जनता का वोट ख़रीदा गया है और एक दो नहीं बल्कि डेढ़ करोड़ वोट ख़रीदा गया."
"चुनाव आयोग उसमें मददगार रहा और आज स्थिति ये है कि बिहार का खजाना खाली है. ऐसे लोग गद्दी पर बैठे हैं जो पब्लिक की चिंता नहीं कर रहे हैं, क्योंकि जब 10 हज़ार रुपये देकर वोट खरीदा है तो पब्लिक का काम क्यों करेगा?"
"इस सबकी वजह चुनाव आयोग है और उसके ख़िलाफ़ अब लोगों ने बिगुल फूंक दिया है, हर पार्टी, हर वो व्यक्ति जो लोकतंत्र की बहाली और मजबूती चाहता है, वो चुनाव आयोग में व्यापक और पारदर्शी सुधारों के पक्ष में है और जनसुराज भी उसके पक्ष में है."
दिनभरः नाकाबंदी के बीच प्रोटेस्टर्स सड़कों पर, सरकार का रवैया क्या कहता है?
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अभिनेता इमरान ख़ान को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया, सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे
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इमेज कैप्शन, अभिनेता इमरान ख़ान प्रदर्शन में शामिल होने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पहुंचे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
अभिनेता इमरान ख़ान शनिवार को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए जाने से पहले अभिनेता इमरान खान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मेरी कोई मांग नहीं है. मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इस शहर में रहता है. मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही की आज़ादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है. इसी वजह से मैं यहां हूं."
उन्होंने कहा, "मैं किसी से कोई मांग करने की स्थिति में नहीं हूं और न ही मैं किसी संगठन का हिस्सा हूं."
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई पर प्रियंका गांधी ने कहा- 'अब लोकतंत्र नहीं रहा'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने ने एक्स पर लिखा, "पहले 254 सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें पूरी तरह गैरक़ानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया. इससे उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ. यही व्यवहार विपक्षी दलों के अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ भी किया गया."
"फिर राष्ट्रीय राजधानी को चारों तरफ़ से घेरकर और बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया. ट्रेनें और मेट्रो सेवाएं रोकी गईं, इंटरनेट बंद किया गया और जगह-जगह चेक पोस्ट लगाए गए. अपने संवैधानिक अधिकार के तहत प्रदर्शन कर रहे युवाओं, महिलाओं और पुरुषों को हिरासत में लिया गया."
"अगर यह इस बात का सबूत नहीं है कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनाव में धांधली की गई है, और सरकार इस बात से डरी हुई है कि उसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं और जवाबदेही की मांग की जा रही है, तो फिर और क्या है?"
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया, "भारत में अब लोकतंत्र नहीं रहा है."
उन्होंने कहा, "यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा चलाई जा रही एक तानाशाही है. जो लोग लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं, वे राष्ट्र के साथ विश्वासघात कर रहे हैं."
दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी और केजरीवाल पर बीजेपी ने साधा निशाना
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इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार शाम प्रेस कॉन्फ़ेंस कर सीजेपी पर आम आदमी पार्टी के लिए 'शैडो बॉक्सिंग' करने के आरोप लगाए
शनिवार को दिल्ली में जारी प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने विपक्षी नेताओं और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर निशाना साधा है.
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, "हम प्रदर्शन के ख़िलाफ़ नहीं हैं. लेकिन इन्होंने अपनी हार की वजह से सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों को एक हथियार बना लिया है. इसमें भी कमाल की प्रतिस्पर्धा चल रही है."
"पहले तीन दिन राहुल गांधी रहे. फिर वे चले गए. इसके बाद आम आदमी पार्टी के लिए 'शैडो बॉक्सिंग' करने वाली सीजेपी आ गई. सीजेपी आम आदमी पार्टी की शैडो बॉक्सिंग करती है."
उन्होंने कहा, "सुबह से उनका (सीजेपी) नाटक चल रहा था. बाद में अरविंद केजरीवाल और बाकी लोग भी आ गए. फिर ममता जी ने सोचा कि हम क्यों पीछे रहें, तो वह भी आ गईं और उसके बाद सीपीआई और सीपीएम भी आ गए."
कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का कॉल दिया था.
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत सौरव दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर विमान से उतरने से पहले ही हिरासत में ले लिया.
इसके बाद दिन में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को हिरासत में लिया गया.
अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी अन्य कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है.
दिल्ली की सड़कों पर भारी पुलिस तैनाती, प्रदर्शनकारियों की हिरासत जारी: तस्वीरों में देखें
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इमेज कैप्शन, शनिवार को नई दिल्ली में जारी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेते हुए
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का सामना लगातार भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों से हो रहा है.
मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक, अभी भी पुलिस बसों में हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाया जा रहा है. बसों की खिड़कियों से हिरासत में लिए गए लोगों के नारे लगाने की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं. प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
तस्वीरें देखें-
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इमेज कैप्शन, शनिवार को प्रदर्शन के बीच दिल्ली की सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात है
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इमेज कैप्शन, एक महिला प्रदर्शकारी को हिरासत में लेती पुलिस
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इमेज कैप्शन, सुरक्षाकर्मी किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर जाने की इजाज़त नहीं दे रहे हैं
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इमेज कैप्शन, महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती दिल्ली पुलिस
इमेज कैप्शन, दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करते लोग
इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर के पास सीजेपी और एंटी सीजेपी प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए. सीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका विरोध कर रहे लोगों को खुली छूट दी और सीजेपी समर्थकों के साथ मार-पीट की गई
डिजिपब इंडिया ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की, पत्रकारों की हिरासत पर उठाए सवाल
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डिजिपब इंडिया ने आज जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों, डिजिटल क्रिएटर्स और नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है.
संगठन ने कहा कि अपने काम को शांतिपूर्वक कर रहे पत्रकारों को प्रेस कार्ड दिखाने के बावजूद हिरासत में लिया गया.
संगठन ने कहा कि यह कानून लागू करना नहीं, बल्कि डराने-धमकाने की कोशिश है, प्रेस की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर हमला है.
डिजिपब इंडिया ने हिरासत में लिए गए पत्रकार और डिजिटल क्रिएटर्स की लिस्ट भी जारी की है. संगठन ने बताया कि न्यूज़लॉन्ड्री के अश्विन सिंह, स्क्रॉल के आयुष तिवारी समते कई पत्रकारों को हिरासत में लिया गया है.
संगठन ने कहा, "जो राज्य नागरिकों को अपनी असहमति की आवाज़ उठाने से रोकने के लिए राजधानी को बंद कर देता है, वह कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख रहा होता, बल्कि लोकतंत्र की आवाज़ को दबा रहा होता है."
डिजिपब इंडिया क्या है?
डिजिपब न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन का गठन डिजिटल मीडिया संगठनों द्वारा किया गया है. इसका मकसद एक ऐसा मंच बनाना है जो डिजिटल समाचार मीडिया संस्थानों का प्रतिनिधित्व करे. इसकी सदस्यता केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले समाचार संगठनों के साथ-साथ डिजिटल न्यूज़ क्षेत्र में सक्रिय मीडिया विश्लेषकों और स्वतंत्र पत्रकारों के लिए भी खुली है.
कार्टून : पुलिस से घिरी पुलिस
इमेज कैप्शन, दिल्ली में भारी पुलिस बल की तैनाती पर आज का कार्टून
दिल्ली में प्रदर्शन से दूर रहे राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, शनिवार को हो रहे विरोध प्रदर्शनों में राहुल गांधी मौजूद नहीं रहे, लेकिन उन्होंने इसका समर्थन किया है
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट के लिए किए गए आह्वान के बाद अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और विपक्ष के कई नेताओं समेत सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है.
जंतर मंतर के आसपास के इलाक़ों में निषेधाज्ञा लागू है और बड़े पैमाने पर पुलिस और अन्य अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.
कुछ जगहों पर हिंसा की भी ख़बरें हैं. हालांकि अभी तक इस पर पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं आया है.
इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस विरोध प्रदर्शन के प्रति अपना समर्थन ज़ाहिर किया है.
उन्होंने कहा, "मैं नरेंद्र मोदी, आरएसएस और इनसे जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ एक दशक से भी
ज़्यादा समय से लड़ रहा हूँ. मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूँ,
जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है.
मैं इन्हें अंदर तक जानता हूँ, इनकी हर
चाल से वाक़िफ़ हूँ. इन लोगों
की सबसे बड़ी पहचान है - कायरता."
"नरेंद्र मोदी, अमित शाह,
मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार, अजीत
डोभाल, इस कहानी के खलनायक, अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं. इनके चारों तरफ़ से
दायरा सिमट रहा है."
बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने कहा, "जो करना
है, कर लीजिए. जितनी पुलिस बुलानी है,
बुला लीजिए - 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार. सारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लीजिए.
सारे युवाओं को गिरफ़्तार कर लीजिए. हम सबको गिरफ़्तार कर लीजिए. घबराइये मत - हम आपको चारों तरफ़ से
घेर रहे हैं, और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं."
"मेरी बात याद रखिए, हमें जो जानकारी
चाहिए, वह हमारे पास पहले से है. हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे. हम
हिंदुस्तान की जनता की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे. और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि
पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ
है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो."
उन्होंने कहा, "हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है. अपना विरोध जारी रखिए. हम आपके साथ खड़े हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार
और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले."
सोनम वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम, अनशन करने की चेतावनी
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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को 24 घंटे के अंदर रिहा करने की अपील की है
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर सरकार से हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की.
उन्होंने वीडियो में कहा, "कुछ देर पहले वापस आने पर पता चला कि आज दिल्ली में बहुत सारी गिरफ़्तारियां हुई हैं, छात्र नेताओं की, युवा नेताओं की, वकीलों की, पत्रकारों की, यहां तक कि सांसदों की भी."
उन्होंने कहा, "कल उन्हें लगा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे दी जाएगी. मगर अब लग रहा है कि देशभर में जैसे कोई अघोषित आपातकाल लगा है."
उन्होंने सरकार से कहा, "अगर अगले 24 घंटों में भी गिरफ़्तारियां नहीं हटाई गईं, तो मैं भी एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर विचार करने के लिए मज़बूर हो जाऊंगा."
उन्होंने कहा कि वह धरना, अनशन या पदयात्रा, कुछ भी कर सकते हैं और यह दिल्ली या लेह में कहीं भी हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों को उनके चैंबर से हिरासत में लिए जाने की आलोचना की
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप राय ने एक्स पर पोस्ट कर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को उनके चैंबर से हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक और परेशान करने वाला है. हम इस मामले को फौरन भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने उठा रहे हैं."
उन्होंने कहा कि वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेना और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रदीप राय ने हिरासत में लिए गए सभी वकीलों को फौरन रिहा करने की मांग की.
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास से कई वकीलों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए वकीलों में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) सुमिता हजारिका भी शामिल हैं.
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर सीजेपी ने अपने ताज़ा वीडियो में क्या कहा
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इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए एक वीडियो जारी किया है.
वीडियो में सीजेपी के नए नामित नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा, "अगर दिल्ली पुलिस आपको रोकने की कोशिश करे, तो जहां आपको रोका जाए, वही जगह आपका जंतर-मंतर बन जाएगी."
यह अपील सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा की उस अपील के बाद आई है जिसमें उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां उन्हें रोका जाए, वहीं विरोध-प्रदर्शन करें.
ऐसे में संभावना है कि जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन की बजाय दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिलें.
पुलिस कार्रवाई के बीच सीजेपी ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे.
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत सौरव दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर विमान से उतरते से पहले ही हिरासत में ले लिया. जिसके बाद सीजेपी ने अजिंक्य शिंदे को प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी देने का फ़ैसला किया.
हिरासत में लिए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लेती दिल्ली पुलिस
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के नेताओं के साथ जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे. तभी पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी करते हुए कहा, "देश का युवा जाग चुका है. हम मोदी जी की तानाशाही से डरने वाले नहीं हैं. अब ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा. लोग अब कथित वोट चोरी को बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं."
वीडियो में पुलिस उन्हें ले जाती हुई दिखाई दे रही है.
वीडियो में केजरीवाल के साथ राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी नज़र आ रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी को हिरासत में लिया
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इमेज कैप्शन, टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले ने ममता बनर्जी की ये तस्वीर शेयर की है
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
उन्होंने लिखा, "ममता दीदी समेत हम पांच लोगों को दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ ने दीदी के आवास के बाहर से हिरासत में लेकर एक पुलिस वैन में बैठाया है. हमें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है. यह भारत में लोकतंत्र की मौत है."
वहीं, पीटीआई की मुताबिक, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं ने साउथ एवेन्यू स्थित एक बस स्टैंड पर धरना दिया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए जाने से पहले ममता बनर्जी ने कहा कि " हम जंतर-मंतर जाना चाहते थे, लेकिन हमें नहीं जाने दिया गया. ऐसा लगता है कि यह स्थिति आपातकाल (इमरजेंसी) से भी खराब है."