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लाइव, सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में तोड़ा अनशन, लोगों से की ये अपील

सोनम ने कहा, "मैं आप सभी से अपील करता हूं कि सतर्क रहें और हर हाल में किसी भी तरह की हिंसा से बचें"

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, अरशद मिसाल

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में तोड़ा अनशन, लोगों से की ये अपील

    सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ-साथ लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन तोड़ा.

    सोनम वांगचुक ने लिखा, "इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था."

    उन्होंने बताया कि यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए लिया गया है.

    वांगचुक ने आगे लिखा, "मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें और इसे लेकर बहुत सतर्क रहें."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे.

  2. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  3. प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर सचिन तेंदुलकर बोले- मेहनत को मिलना चाहिए सम्मान

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है.

    उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा, "मेरे पिता प्रोफे़सर थे और कई युवा स्टूडेंट्स के मार्गदर्शक रहे थे."

    सचिन तेंदुलकर ने लिखा, 'मेरे पिता ने मुझे बचपन से एक सीख दी थी, असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना ठीक नहीं है. कभी भी शॉर्टकट मत अपनाना."

    उन्होंने कहा कि समाज के तौर पर हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम ऐसी संस्कृति बनाएं, जहां मेहनत को नतीजों से ज्यादा महत्व मिले. अगर समाज सिर्फ परिणामों को महत्व देगा, तो लोग योग्यता और मेहनत की जगह शॉर्टकट का रास्ता चुन सकते हैं.

    सचिन ने कहा, "आज जब छात्रों को लगता है कि उनकी मेहनत का उन्हें सही फल नहीं मिला, तो उनकी निराशा समझी जा सकती है. सभी को मिलकर यह कोशिश करनी चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी निराशा का सामना न करना पड़े."

    सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और योग्यता की जीत हो.

    उन्होंने भरोसा जताया कि 'सभी मिलकर ऐसे समाधान तक पहुंचेंगे, जो बच्चों के भविष्य और उनके सपनों को सुरक्षित रख सके.'

  4. भारत ने ज़िम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया, वैभव सूर्यवंशी ने जड़ा पहला अर्धशतक

    गुरुवार को भारत और ज़िम्बाब्वे के बीच खेले गए पहले टी20 मैच में भारत ने ज़िम्बाब्वे को 7 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज़ में बढ़त बना ली है.

    ज़िम्बाब्वे के हरारे में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया. ज़िम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 125 रन बनाए.

    भारत ने यह लक्ष्य 3 विकेट के नुकसान पर 13.2 ओवर में ही हासिल कर लिया. इस मैच में भारतीय युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों पर 50 रन बनाए. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनका पहला अर्धशतक है.

    भारतीय खिलाड़ी मयंक यादव को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. मयंक ने 4 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट लिए.

  5. करीना कपूर बोलीं, 'स्टूडेंट्स की आवाज़ सुनने के बाद अब चुप रहना मुश्किल'

    अभिनेत्री करीना कपूर ने गुरुवार को परीक्षा व्यवस्था और स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को लेकर अपनी चिंता ज़ाहिर की है.

    उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, "कई दिनों से स्टूडेंट्स की आवाज़ सुनने के बाद अब चुप रहना मुश्किल है और उनकी बातों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता."

    करीना ने लिखा, "शिक्षा बच्चों को आत्मविश्वास, उम्मीद और बेहतर भविष्य का भरोसा देती है. लेकिन अगर बच्चों को यह लगने लगे कि ईमानदारी, मेहनत और योग्यता की कोई क़द्र नहीं है, तो उनका शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठने लगता है."

    उन्होंने कहा कि हर बच्चे को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जिस पर वह भरोसा कर सके, जहां मेहनत का सम्मान हो, योग्यता को सही जगह मिले और सभी को बराबरी का मौका मिले.

    करीना कपूर ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, "जब पूरी एक पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर एक साथ आवाज़ उठा रही हो, तो उनकी बात सुनना सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी है."

    उन्होंने कहा कि आज हम जिस तरह प्रतिक्रिया देंगे, उसी से बच्चों का निष्पक्षता और भरोसे पर विश्वास तय होगा.

  6. केजरीवाल के सवालों पर दिल्ली पुलिस ने कहा, 'गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं'

    दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर किसी भी तरह की कार्रवाई की कोई योजना नहीं है.

    दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पोस्ट साझा करते हुए कहा कि गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ किसी तरह के क्रैकडाउन की कोई योजना नहीं है.

    दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "आज शाम 6:30 बजे तक कनॉट प्लेस की सभी दुकानें बंद करने के आदेश दिए गए हैं. भारी सुरक्षा व्यवस्था है और एम्बुलेंस की कतारें लगी हैं. क्या मोदी सरकार आज जंतर-मंतर पर एक बार फिर अपने ही बच्चों पर बेरहमी से हमला करेगी?"

    दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के इसी बयान का जवाब देते हुए आगे लिखा, "आपको सलाह दी जाती है कि कोई भी गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं."

  7. पटना पुलिस ने बुधवार को हुए प्रदर्शन में शामिल 60 लोगों की तस्वीरें जारी कीं, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    पटना पुलिस ने 22 जुलाई को छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन में शामिल 60 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं.

    दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में छात्र संगठन आईसा ने 22 जुलाई को पटना में एक प्रदर्शन आयोजित किया था.

    गांधी मैदान से शुरू हुए इस प्रदर्शन में शामिल स्टूडेंट्स ने पटना शहर के अलग-अलग इलाक़ों में प्रदर्शन किया था.

    प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया, पुलिस पर पथराव किया और मीडिया कर्मियों पर भी हमला किया.

    इस घटना में कई पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी और छात्र घायल हुए.

    पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा, "इस प्रदर्शन में असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे. पुलिस उनकी पहचान कर रही है."

    स्टूडेंट्स पर काबू पाने के लिए पटना पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों, जैसे डाक बंगला चौराहा, भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के करीब तक पहुंच गए थे.

    गुरुवार को पटना पुलिस ने 60 प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें जारी कर आम लोगों से उनकी पहचान और उनके बारे में सूचना देने की अपील की.

  8. मुरली मनोहर जोशी बोले, 'स्टूडेंट्स की चिंताएं जायज़, संवेदनशीलता के साथ हल निकालने की ज़रूरत'

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश के अलग-अलग हिस्सों से आए स्टूडेंट्स को कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन करते देखना बेहद दुखद है."

    उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्टूडेंट्स की चिंताएं जायज़ हैं और उनका समाधान संवेदनशीलता के साथ निकालने की ज़रूरत है.

    जोशी ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर बल प्रयोग के ज़रिए नहीं निपटाया जाएगा.

    उन्होंने छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी पर भी दुख जताया और कहा कि इस तरह का बल प्रयोग समाज के बड़े वर्ग को 'विकसित भारत' के लक्ष्य से दूर कर सकता है.

  9. झारखंड: नीट पेपर लीक मामले पर कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने, अंडे-टमाटर फेंके गए, मोहम्मद सरताज आलम, रांची से बीबीसी हिन्दी के लिए

    झारखंड की राजधानी रांची में नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग के समर्थन में बीजेपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए.

    रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बीबीसी को बताया कि यह स्थिति दो राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से बनी थी.

    इस तनावपूर्ण स्थिति के दौरान भारी सुरक्षाबलों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक शुरू हुई. इसके बाद दोनों तरफ से एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की गई. बाद में अंडे और टमाटर भी फेंके गए.

    रांची के स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने कहा, "इस दौरान थोड़ी पत्थरबाज़ी हुई, जिससे हमारे पांच कार्यकर्ता घायल हुए. बाद में मुझे मालूम हुआ कि एक पत्रकार और कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी चोट लगने की सूचना मिली है."

    दरअसल, सड़कों पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को देखकर बीजेपी कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए और उनकी तरफ बढ़ने लगे.

    पुलिस ने कार्यालय के पास ही बैरिकेड्स लगाकर तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.

    हालांकि, रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बीबीसी को बताया, "फ़िलहाल स्थिति बिल्कुल नियंत्रण में है. किसी के घायल होने की सूचना नहीं है."

    बीजेपी विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने कहा, "बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया था. इसी के जवाब में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया है."

    वहीं, कांग्रेस नेत्री और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने बीजेपी के आरोपों को नकारते हुए कहा, "नीट पेपर लीक और बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और संसद में इस मामले पर चर्चा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है."

  10. राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस का जमावड़ा, कई सांसद मिलने पहुंचे

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है.

    कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सांसद प्रमोद तिवारी और आरजेडी सांसद मीसा भारती समेत कई नेता बैठक के लिए राहुल गांधी के आवास पहुंचे हैं.

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के आवास पहुंचे. उन्होंने मीडिया से कहा, "राहुल गांधी ने हमें चाय पर बुलाया था, इसलिए मैं चाय पीने आया हूं."

    कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी भी राहुल गांधी के आवास पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने कहा, "पूरा 'इंडिया' ब्लॉक मिलकर इस मुद्दे पर लड़ रहा है."

    कांग्रेस सांसद जोतिमणि सेन्निमलाई ने कहा, "वह विपक्ष के नेता हैं. हम सभी उनकी पार्टी के सांसद हैं. हम बस उनसे मिलने आए थे. लेकिन सरकार ने पूरे इलाके को किले में बदल दिया है. मैं उनकी घबराहट समझ सकती हूं. हम विपक्ष के नेता से मिल रहे हैं, लेकिन हम सरकार का डर देख सकते हैं."

  11. प्रदर्शन के बीच कनॉट प्लेस की सभी दुकानों को गुरुवार शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश

    नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने एक अर्जेंट एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कनॉट प्लेस की सभी दुकानों, ऑफिस और रेस्त्रां को 23 जुलाई, 2026 को शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया गया है.

    इसमें कहा गया है कि यह फ़ैसला एनडीएमसी चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह के बाद लिया गया है. एनडीटीए के मुताबिक़ इलाक़े में 'क्रिटिकल सिचुएशन' होने की वजह से ये फ़ैसला लिया गया है.

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.

    गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया.

    जितेंद्र सिंह ने कहा, "सरकार की ओर से हम बातचीत के लिए हर समय तैयार हैं और जितना समय चाहिए उतना समय देने के लिए तैयार हैं."

  12. कार्टून: फैक्ट चेक

  13. सरकार और सीजेपी के बीच इस वजह से नहीं हो पा रही बातचीत?

    गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने कहा कि बातचीत की जगह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का घर या कार्यालय हो सकता है.

    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बातचीत की जगह को लेकर विरोध जताया है.

    गुरुवार को आशुतोष ने कहा कि बातचीत किसी न्यूट्रल जगह पर होनी चाहिए.

    उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद लोगों से कहा, "जंतर-मंतर पर आने से वो लोग बहुत डर रहे हैं... तो मैंने सुझाव दिया कि आप कोई ऐसी जगह बताइए जो न आपका घर हो और न जंतर-मंतर हो."

    उन्होंने आगे कहा, "लेकिन अभी जितेंद्र सिंह बोल रहे हैं कि जेपी नड्डा के घर या उनके कार्यालय में मीटिंग कर सकते हैं."

    फ़िलहाल बातचीत की जगह को लेकर सीजेपी और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है. वहीं, प्रदर्शनकारी अभी भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर अड़े हुए हैं.

  14. स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज को लेकर विनेश फ़ोगाट ने जताई नाराज़गी, की ये अपील

    पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फ़ोगाट ने 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी.

    विनेश फ़ोगाट ने लिखा, "जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्सलोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज़ उठा रहे थे, लेकिन 20 जुलाई को सामने आई तस्वीरों ने विचलित कर दिया."

    उन्होंने कहा कि जब देश के स्टूडेंट्स अपने भविष्य, अधिकारों और सपनों के लिए सड़क पर थे, तब उन्हें सम्मान की जगह भय और हिंसा का सामना करना पड़ा.

    उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई.

    विनेश फ़ोगाट ने कहा, "आखिर ये स्टूडेंट्स किससे न्याय मांगे? उनसे जिनके कंधों पर उनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी है या उनसे, जिनके हाथों में सत्ता है? हक़ की इस लड़ाई में पूरा देश आपके साथ है. लेकिन मैं आप सबसे एक निवेदन भी करना चाहती हूँ कि किसी भी कीमत पर अहिंसा का मार्ग मत छोड़ना."

    उन्होंने कहा कि संभव है कि आंदोलन को भटकाने, बदनाम करने या कमजोर करने की कोशिशें की जाएं, लेकिन स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी ताक़त उनका धैर्य, अनुशासन और शांतिपूर्ण संघर्ष है.

    उन्होंने आख़िर में कहा कि उन्हें विश्वास है कि स्टूडेंट्स संघर्ष करेंगे और जीतेंगे.

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.

    इसी मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को स्टूडेंट्स ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई स्टूडेंट्स घायल हो गए.

  15. संसद से निकलते वक़्त प्रियंका गांधी ने कहा - मुझसे नहीं सरकार से पूछें सवाल

    गुरुवार को संसद के निचले सदन लोकसभा को शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी जब संसद भवन से बाहर निकलीं, तो पत्रकारों ने उनसे संसद की कार्यवाही न चल पाने की वजह पूछी. इस पर वो गुस्सा हो गईं.

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, "आप हमेशा वही सवाल पूछते हैं जो यह सरकार चाहती है कि आप पूछें. ये सवाल सरकार से क्यों नहीं पूछते? मंत्री बाहर आकर बयान दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री अब तक संसद में नहीं आए हैं. इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है, देशभर से युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री ने सदन में इस पर कुछ नहीं कहा. और आप मुझसे पूछ रहे हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही है?"

    उन्होंने आगे कहा, "मुझसे यह पूछिए कि छात्रों के लिए क्या किया जा रहा है. यह पूछिए कि उनकी मांगों पर क्या कार्रवाई हो रही है. आपको यही सवाल पूछने चाहिए. और जब मंत्री बाहर आकर बयान दें, तो उनसे पूछिए कि वे इस्तीफ़ा कब देंगे."

    प्रियंका गांधी ने आगे कहा, "क्या आपने यह सवाल पूछा? क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा कि वे कब इस्तीफ़ा देंगे? क्या आपने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया? क्या आपने उनसे पूछा कि इतने छात्र अस्पतालों में क्यों हैं? क्या आपने यह पूछा कि बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने माता-पिता से भी बात क्यों नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं? क्या आपने पूछा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) क्यों लगाया गया? क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?"

    उन्होंने कहा, "जब आप सरकार से ये सवाल पूछना शुरू करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी."

  16. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बातचीत के लिए सीजेपी को आमंत्रित किया

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बयान जारी कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "सरकार की ओर से हम बातचीत के लिए हर समय तैयार हैं और जितना समय चाहिए उतना समय देने के लिए तैयार हैं."

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, "सरकार ने कल दोपहर से उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए चार बार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं."

    "हम अपने सभी युवा साथियों को खुला निमंत्रण देते हैं कि सरकार आपकी सुविधा के अनुसार, किसी भी समय, सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है."

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि बातचीत केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर हो सकती है.

    उन्होंने कहा, "हमारे लिए प्रतिष्ठा का कोई सवाल नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मैं स्वयं बातचीत के लिए मौजूद रहेंगे. हमें उम्मीद है कि बातचीत के ज़रिए धीरे-धीरे समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे."

    उन्होंने कहा, "यह छात्रों के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे लगातार कदमों का हिस्सा है. मैं विनम्रतापूर्वक आप सभी से अपील करता हूं कि बातचीत के लिए आइए."

  17. पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज की आलोचना की है.

    मोहम्मद कैफ़ ने एक्स पर लिखा, "एक पिता होने के नाते छात्रों को शिक्षा व्यवस्था की खामियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर पुलिस के हाथों पिटते देखना बेहद तकलीफ़ देता है."

    कैफ़ ने कहा, "दिल्ली की सड़कों पर छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके साथ मारपीट रुकनी चाहिए."

    "उम्मीद है कि इस मुद्दे का समाधान जल्द निकलेगा, ताकि किसी को भी अपनी बात रखने की ऐसी क़ीमत न चुकानी पड़े."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर छात्र पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते हैं. इस मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं.

    इसी मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को छात्रों ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए.

  18. लोकसभा शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित

    मानसून सत्र के चौथे दिन संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया है.

    लोकसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया है. वहीं राज्यसभा को दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दिया गया है.

    बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा कहते हैं, "कांग्रेस चर्चा से डरती है क्योंकि उन्हें पता है कि इससे उन्हें ही नुक़सान होगा. वो लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहे हैं."

    कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, "प्रधानमंत्री का बयान निराशाजनक है. क्या फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी उसी रफ़्तार से काम करेंगे जिस रफ़्तार से पिछले 12 सालों में बुलेट ट्रेन चली है?"

  19. दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती महिला प्रदर्शनकारी के बारे में क्या बताया

    दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल महिला के बारे में जानकारी दी है.

    दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''सोशल मीडिया पर ऐसी रिपोर्ट्स सर्कुलेट हो रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक महिला की मौत हो गई है. यह ख़बर झूठी और गुमराह करने वाली है.''

    इसमें लिखा है, ''हम यह सूचना दे रहे हैं कि वह महिला जीवित है और फ़िलहाल दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हालत स्थिर है. वह अब ख़तरे से बाहर हैं.''

    दिल्ली पुलिस ने लिखा है, ''नागरिकों से अपील की जाती है कि अनवेरिफ़ाइड कंटेंट शेयर न करें और न ही अफ़वाह फैलाएं.''

    ''रीपोस्ट और ऑनलाइन जानकारी शेयर करने से पहले उसे ऑफ़िशियल चैनलों पर वेरिफ़ाई करें.''

  20. अब तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

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