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सेना की घरेलू सुरक्षा संचालन कमान ने एक बयान में कहा कि ये घटनाएं शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे से आधी रात के बीच देश के दक्षिणी सीमावर्ती इलाक़ों में हुईं.
अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े
अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.
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थाई सेना ने कहा है कि दक्षिणी थाईलैंड में "अशांति पैदा करने के मक़सद से" 50 से अधिक सुनियोजित हमले किए गए हैं. इस दौरान आगजनी भी की गई है.
इन हमलों में कम से कम दो लोग घायल हुए हैं. हमलों में स्थानीय सरकारी दफ़्तर की इमारतों को भी निशाना बनाया गया है.
सेना की घरेलू सुरक्षा संचालन कमान ने एक बयान में कहा कि ये घटनाएं शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे से आधी रात के बीच देश के दक्षिणी सीमावर्ती इलाक़ों में हुईं.
ज़्यादातर घटनाएं नारातिवात प्रांत में सामने आईं, जबकि पड़ोसी याला और पट्टानी में भी हमले हुए.
बैंकॉक पोस्ट के मुताबिक़, नारातिवात प्रांत के मुआंग ज़िले में एक बम विस्फोट में दो महिलाएं घायल हुई हैं.
इन हमलों में कई जगहों पर दूरसंचार टावरों में आग लगा दी गई. सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों को संदिग्ध वस्तुओं को न छूने की चेतावनी दी है.
अधिकारियों ने नाराथिवाट प्रांत में रात का कर्फ्यू लगाया था, जिसे रविवार सुबह हटा दिया गया. उन्हें रविवार को किसी और हमले की सूचना नहीं मिली.
किसी भी समूह ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
थाईलैंड में बौद्ध धर्म को मानने वालों की आबादी सबसे ज़्यादा है. लेकिन साल 2004 से थाईलैंड के सबसे दक्षिणी प्रांतों में छोटे स्तर पर संघर्ष जारी है.
मुस्लिम बहुल इस इलाक़े में विद्रोही अधिक स्वायत्तता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. अब तक इस हिंसा में 7,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.
साल 2013 में मलेशिया की मध्यस्थता में बातचीत शुरू होने के बाद से बैंकॉक में बदलती सरकारों और दोनों पक्षों में आंतरिक मतभेदों के बीच शांति प्रक्रिया बार-बार रुकती रही है.

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सीरिया के विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई है कि इसराइल के साथ सुरक्षा समझौते पर बातचीत जल्द ही फिर से शुरू होगी.
सीरियाई सैन्य अड्डे पर इसराइल के हवाई हमले के कुछ दिनों बाद, असद शैबानी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के साथ एक इंटरव्यू में इस बात पर जोर दिया कि उनके देश की प्राथमिकता इस समय इसराइली हमलों को रोकना है.
शैबानी ने कहा कि ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से सुरक्षा समझौते पर बातचीत निलंबित थी.
सीरियाई सरकार को उम्मीद है कि समझौते पर पहुंचने पर इसराइल उसके क्षेत्र से पीछे हट जाएगा.
शैबानी ने कहा कि "कूटनीति के द्वार" अभी भी खुले हैं. उन्होंने इसराइल से इस "ऐतिहासिक अवसर" का लाभ उठाने की अपील की.
हालांकि विदेश मंत्री शैबानी ने अविश्वास की ओर भी इशारा किया.
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि संपर्क होना चाहिए, खासकर उस पक्ष से जो लगातार सीरिया की सुरक्षा को ख़तरा पहुंचाता है; लेकिन अगर इस संपर्क का कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो हमें इसकी जरूरत नहीं है. फ़िलहाल हमें इसराइल पर भरोसा नहीं है."
अमेरिका एक साल से अधिक समय से इसराइल और सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सरकार के बीच एक सुरक्षा समझौते में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ये प्रयास अब तक नाकाम रहे हैं.
इस दौरान, इसराइल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सीरियाई क्षेत्र में अपनी सेना तैनात की और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया है.
इसराइल ने 18 अगस्त को तुर्की की सीमा के पास स्थित एक सीरियाई मिलिट्री बेस पर हमला किया था. इसके बाद तुर्की के साथ उसका तनाव ज़्यादा बढ़ गया है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने एच1एन1 इन्फ्लुएंजा को लेकर आईसीएमआर की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने इस मुद्दे पर समाचार एजेंसी एएनआई से बात की है.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा है कि एच1एन1 इन्फ्लुएंजा के किसी नए स्ट्रेन की पहचान नहीं हुई है और इससे घबराने की कोई वजह नहीं है.
डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, "हम हर साल सीज़नल इन्फ्लुएंजा के मामले देखते हैं. डॉक्टरों का मानना है कि इस साल यह थोड़ा पहले शुरू हो गया है. आमतौर पर भारत में मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी होती है और जो सर्दियों तक जारी रहती है."
उन्होंने कहा, "बेहतर निगरानी की वजह से और सरकार की ‘आईसीएमआर’ वायरल लैबोरेटरीज के जरिए अब हम पूरे साल यह जान पाते हैं कि कौन से वायरस फैल रहे हैं, कौन से वायरस ज़्यादा प्रभावी हैं."
डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने बताया, "मौजूदा समय में मामलों में बढ़ोतरी एच1एन1 के मिशिगन स्ट्रेन की वजह से है. यह इन्फ्लुएंजा ‘ए’ वायरस है और यही स्ट्रेन साल 2009 की महामारी के बाद से फैल रहा है. यह पिछले साल फैलने वाले स्ट्रेन से भी काफ़ी मिलता-जुलता है."
उनके मुताबिक़, "मुझे लगता है कि लोगों में जागरूकता बढ़ी है, ज़्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं और इसलिए दिल्ली, बेंगलुरु और दूसरे शहरों के कई अस्पतालों से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं."
उनका कहना है कि अन्य वजहों से जोखिम वाले मरीजों को छोड़कर यह वास्तव में बहुत ज़्यादा चिंता की बात नहीं है.
दिल्ली-एनसीआर में इस साल अब तक एच1एन1 के 1,700 से ज़्यादा कन्फर्म्ड केस आ चुके हैं. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है.

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उत्तर प्रदेश में मेरठ पुलिस ने 21 अगस्त देर शाम सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर किया है.
इस बारे में मेरठ के एसपी सिटी विनायक भोसले ने मीडिया से कहा, "सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की ओर से एक शख़्स के साथ मारपीट किए जाने के मामले को काफ़ी गंभीरता से लिया गया है."
उन्होंने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ ज़ोन के आदेश के मुताबिक़ इस मामले की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर रेंज की ओर से की जा रही है.
उनके मुताबिक़, "जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित न हो इसलिए सिविल लाइंस के थाना अध्यक्ष और इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों को नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद लाइन हाज़िर किया गया है."
मेरठ का यह मामला 19 अगस्त को उस वक़्त सुर्खियों में आया था, जब भारतीय किसान यूनियन (आंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ के तत्कालीन एसपी अवनीश पांडे के अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर ख़ुद के और अपने एक साथी मोहित जाटव के साथ मारपीट का आरोप लगाया था.
उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुई इस कथित मारपीट की वीडियो को भी शेयर किया था. इसके बाद मामले को लेकर सियासत गरमा गई थी.
दिग्विजय भाटी ने बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाया, "बीती 19 अगस्त को एसपी मेरठ ने मुझे और मेरे एक साथी मोहित जाटव को अपने कार्यालय बुलाया था. यहां मेरे और मेरे साथी के साथ एसपी ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की. उनके साथ कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने भी हमें बुरी तरह पीटा."
उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ़ लाइन हाज़िर करने से काम नहीं चलेगा, मैं चाहता हूं कि पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हो."
इसके बाद गुरुवार यानी 20 अगस्त को एसएसपी अविनाश पांडेय का भी तबादला हुआ.

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दिल्ली के भलस्वा इलाक़े में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जानकारी दी है.
जॉइंट सीपी (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह ने कहा, "सूचना मिली थी कि झपटमारी में शामिल एक बाइक लड़के के पास है तो पुलिवाले संदिग्ध का पता लगाने के लिए गए थे. इस दौरान पुलिस की मदद करने के बजाय उन पर हमला किया गया."
उन्होंने बताया, "इस घटना को संज्ञान में लेते हुए हमने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है. फ़िलहाल जिस शख़्स को पकड़ने के लिए गए थे और पुलिस पर हमला करने के अभियुक्त उसके पिता घर से फ़रार हैं."
विजय सिंह ने बताया, "इनका आपराधिक इतिहास रहा है. पिता सुनील पर पहले से ही पांच मुक़दमें हैं. ये एनडीपीएस एक्ट (नशे से जुड़ा), झगड़े और आर्म्स एक्ट से जुड़े हुए हैं. उन पर बलात्कार से जुड़ा एक मुक़दमा भी है."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शनिवार को क़रीब 3 बजे दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाने के पुलिसकर्मी मुकुंदपुर इलाक़े में गश्त कर रहे थे. चेकिंग के दौरान उन्हें एक मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज़ नहीं थे.
क़ानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस वाले इस मोटरसाइकिल को डीपी एक्ट की धारा 66 के तहत पुलिस स्टेशन ले गए.
समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि करीब 3:30 बजे जब पुलिसकर्मी बीट पर लौटे तो मोटरसाइकिल मालिक और उसके परिवार के सदस्यों समेत कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनसे मारपीट की. इसमें तीन पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं.
इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया है.

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बीजेपी की नई टीम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा, "मेरी समझ से सत्ता की जेन ज़ी ही नहीं बल्कि जेन अल्फ़ा की भी बस मिस हो चुकी है. इन नौजवानों को स्पष्ट दिखाई दे रहा है. उनके बड़े सवाल हैं. रोज़गार का सवाल है, शिक्षा में सुधार का सवाल है."
उन्होंने कहा, "शिक्षा महंगी हो रही है, शिक्षा का निजीकरण हो रहा है. सरकारी शिक्षा का पतन हो रहा है. परीक्षा व्यवस्था को संदिग्ध बना दिया गया है."
हरीश रावत ने दावा किया, "जेन ज़ी इन हालात को पूरी तरह समझ चुकी है, इसलिए उन्होंने प्रदर्शन किया और जेन अल्फ़ा उन सवालों को उठा रही है."

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भारत और श्रीलंका के बीच चल रही टेस्ट सिरीज़ के दूसरे मैच में पहले दिन का खेल समाप्त हो चुका है. भारत ने खेल ख़त्म होने तक पांच विकेट के नुक़सान पर 300 रन बना लिए हैं.
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ लगातार दूसरे मैच में शतक जड़ा है. वह 117 रन बनाकर आउट हुए.
इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था.
कोलंबो में खेले जा रहे इस मैच में भारत की पहली पारी में ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 45 और कप्तान शुभमन गिन ने 50 रनों का योगदान दिया. वहीं रवींद्र जडेजा ने 43 रन बनाकर आउट हुए.
फ़िलहाल ध्रुव जुरेल 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर क्रीज़ पर हैं.
भारत की पुरुष टीम दो मैचों की टेस्ट सिरीज़ में 1-0 से आगे है. पहले मैच में भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराया था.
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भी देवदत्त ने 167 और 44 रनों की पारी खेली थी.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन युद्ध ख़त्म नहीं करना चाहते और अपने हमले बढ़ा रहे हैं.
ज़ेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "वह सर्दियों का इंतज़ार कर रहे हैं. वे हमारे नागरिक व्यवसायों, हमारी लॉजिस्टिक्स, और हमारे डिलीवरी सिस्टम को तबाह कर रहे हैं. यह 2022 से जारी है."
उन्होंने कहा, "हमारे लॉजिस्टिक्स पर उनके हमलों ने हमें भी लॉजिस्टिक्स के स्तर पर उसी तरह जवाब देने के लिए मजबूर किया. इसलिए हम वाइल्डबेरीज़ पर हमला करते हैं, क्योंकि इससे सैन्य सामान की आपूर्ति और रूस के लिए बड़ी रक़म मिलती है."
ज़ेलेंस्की ने दावा किया, "रूस में बहुत से लोग चाहते हैं कि युद्ध ख़त्म हो. रूसी समाज के 60 फीसदी से अधिक लोग इस युद्ध का अंत, युद्धविराम चाहते हैं. हमने पुतिन की सरकार के समर्थन में भी तेज़ गिरावट देखी है."

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भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे टेस्ट सिरीज़ के लगातार दूसरे मैच में देवदत्त पडिक्कल ने शतक जड़ दिया है.
इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.
कोलंबो में खेले जा रहे इस मैच में भारत की पहली पारी में ओपनर यशस्वी जायसवाल ने 45 और कप्तान शुभमन गिन ने 50 रनों का योगदान दिया.
ख़बर लिखे जाने तक भारत का स्कोर तीन विकेट के नुक़सान पर 270 रन है. इस वक़्त देवदत्त 111 रन और रवींद्र जडेजा 30 रन पर नाबाद हैं.
भारत की पुरुष टीम दो मैचों की टेस्ट सिरीज में 1-0 से आगे है. पहले मैच में भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराया था.
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भी देवदत्त ने 167 और 44 रनों की पारी खेली थी.

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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी में कथित अनियमितता के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स पर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है.
शनिवार 22 अगस्त की देर शाम राजधानी रांची के कोतवाली और लोअर बाज़ार थाने में 14 नामज़द लोगों सहित पूरे राज्य में 900 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
स्टूडेंट्स पर सरकारी काम में बाधा, ग़ैरक़ानूनी जमावड़ा, महिलाओं के साथ हिंसा, हत्या का प्रयास, शांति भंग करना, सरकारी आदेश की अवहेलना जैसी धाराएं लगाई गई हैं.
इससे पहले बीते 18 अगस्त को सीएम हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी सहित कुल 22 परीक्षाओं और उनके नतीजों को रद्द करने की घोषणा की थी.
इसके बाद स्टूडेंट्स ने अपना आंदोलन अगले 60 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था.
लेकिन जेपीएससी 2011-2013 के वो लोग, जो परीक्षा पास करने के बाद विभिन्न पदों पर नौकरी कर रहे थे, उन्होंने सरकार के फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी.
हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को जेपीएससी और 20 अगस्त को जेएसएससी रद्द करने के फ़ैसले पर रोक लगा दी.
यह रोक लगते ही आंदोलन समाप्ति की घोषणा कर चुके स्टूडेंट्स ग़ुस्से में आ गए. इसके बाद 21 अगस्त को राज्यभर में सीएम हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला फूंकने की घोषणा कर दी.
इसी क्रम में रांची, हज़ारीबाग और गिरिडीह ज़िले में पुतला दहन करने पहुंचे स्टूडेंट्स के साथ पुलिस और जेएमएम कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई.
सत्ताधारी जेएमएम का कहना है कि बीजेपी स्टूडेंट्स को आगे कर राजनीति कर रही है.
जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि बीजेपी कोचिंग माफ़ियाओं के साथ मिलकर राज्य के युवाओं को भड़का रही है.
वहीं बीजेपी नेता और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा है कि हेमंत सरकार डंडे के दम पर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है.

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बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति इरानी ने महिलाओं को लेकर राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
शनिवार को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं के अधिकार और उनके समर्थन की बात की थी.
स्मृति इरानी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले, देश की संसद में वो संसद का गौरव बढ़ाएं ऐसा क़ानून पारित किया है."
स्मृति इरानी ने कहा है कि "मैं कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष से ये निवेदन करती हूं कि संसद में महिलाओं को नेतृत्व देने वाले 33 फीसदी आरक्षण के बिल को जल्द लागू करने में सहयोग करें."
हालांकि केंद्र सरकार साल 2023 में संसद में नारी 'शक्ति वंदन विधेयक' लेकर आई थी. इसे कांग्रेस समेत ज़्यादातर विपक्षी दलों के सहयोग से पारित कर दिया गया था.
इस अधिनियम में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन इसके लागू होने को सरकार ने ही भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ दिया था.
कांग्रेस पार्टी लगातार साल 2023 में पारित क़ानून के आधार पर महिलाओं को आरक्षण देने की मांग करती रही है, जो क़ानून ख़ुद सरकार लेकर आई थी.
लेकिन इसी साल 16 से 18 अप्रैल को बुलाए गए संसद के विशेष सत्र में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया गया, लेकिन महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन वाला बिल (131वां) पास नहीं हो सका था.
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि उस बिल के पीछे एक “बहुत ही ख़तरनाक इरादा” छिपा था और इसके ज़रिए भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की जा रही थी.

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि आरक्षण के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों से सरकार बातचीत करेगी.
हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को पहले अपनी मांगें स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से सरकार के सामने रखनी होंगी.
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैनर, पोस्टर और भगवा झंडे लेकर जुटे और उन्होंने जाति आधारित आरक्षण के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ तय करने में जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को ज़्यादा महत्व दिया जाना चाहिए.
चिराग पासवान ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी मांगों का प्रस्ताव सामने रखना होगा.
इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी समय-समय पर कभी 'समीक्षा' तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "वे कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं. यह सदियों से शोषित-वंचित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं."
अखिलेश यादव ने कहा, "आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा."
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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श्रीलंका के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने बल्लेबाज़ी करते हुए पहले दिन दूसरे सत्र तक 39 ओवर में 2 विकेट खोकर 140 रन बना लिए हैं.
भारत के कप्तान शुभमन गिल 39 रन और देवदत्त पडिक्कल 37 रन बनाकर खेल रहे हैं. दोनों बल्लेबाजों के बीच 74 रनों की साझेदारी हो चुकी है.
भारत को पहला झटका केएल राहुल और दूसरा झटका यशस्वी जायसवाल के रूप में लगा.
जायसवाल ने तेज़ शुरुआत करते हुए 45 रन बनाए, लेकिन असिथा फर्नांडो ने उन्हें बोल्ड कर श्रीलंका को अहम सफलता दिलाई.
कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट मैच में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन पूरे कर लिए हैं.
भारत इस समय दो मैचों की टेस्ट सिरीज में 1-0 से आगे है. पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 रन से जीत दर्ज की थी.

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दिल्ली में बीजेपी के ‘वंदे मातरम’ प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा कि कांग्रेस 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के पारित प्रस्ताव के मुताबिक़ ही अपनी स्थिति पर कायम रहेगी.
उन्होंने कहा, "हमारे पास 1937 का सीडब्ल्यूसी प्रस्ताव है, जिस पर इस देश के सभी संस्थापक नेताओं ने देश की एकता के हित में मिलकर फ़ैसला लिया था. हम उसी का पालन करेंगे. सरकार जो चाहे कर सकती है. इस मुद्दे पर हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है."
बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम पर उन्होंने कहा कि यह “बड़ी विडंबना” है कि एक तरफ बीजेपी लंबे समय से जेन-ज़ी की आलोचना करती रही है, यहां तक कि प्रधानमंत्री और कई मंत्री भी जेन-ज़ी पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें एहसास हुआ है कि जेन-ज़ी के साथ काम करना ज़रूरी है.
सेंथिल ने कहा कि इससे पता चलता है कि बीजेपी को वास्तव में जेन-ज़ी की परवाह नहीं है.
दरअसल बीजेपी ने शनिवार को'वंदे मातरम' को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था.
बीजेपी ने कांग्रेस कार्यसमिति के 19 अगस्त के उस फैसले की कड़ी निंदा की, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरों के गायन को लेकर 1937 के प्रस्ताव को दोहराया गया था.
बीजेपी के प्रस्ताव के मुताबिक, "‘वंदे मातरम’ भारत का राष्ट्रीय गीत है और यह स्वतंत्रता आंदोलन की भावना और देश की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है. पार्टी ने पूरे ‘वंदे मातरम’ के सम्मान, गरिमा और राष्ट्रीय दर्जे को बनाए रखने का संकल्प लिया."

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जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) टीम पर हमले को लेकर सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी टीम वहां वोट मांगने नहीं गई थी, बल्कि सरकारी स्कूलों की ख़राब हालत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने गई थी.
आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हम वोट मांगने नहीं गए थे. हम स्कूलों की मरम्मत की मांग करने गए थे."
उन्होंने बताया कि अब सरकार ने 1 सितंबर से स्कूलों की मरम्मत का काम शुरू करने की मंजूरी दे दी है, इसलिए यह मुद्दा फिलहाल सुलझ गया है. हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि यह काम पहले भी किया जा सकता था.
रांका ने कहा कि उनकी मांग साफ है, "स्कूलों की मरम्मत की जाए."
उन्होंने सरकार से कहा, "अगर आप वाकई प्रतिबद्ध हैं और आपको हमारे बच्चों के भविष्य की थोड़ी भी चिंता है, तो स्कूलों की मरम्मत कराइए. राजस्थान में तीन हज़ार स्कूल अभी जर्जर हालत में हैं. उनकी मरम्मत कराइए."

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भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट मैच में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन पूरे कर लिए हैं.
गिल इस मैच से पहले 2993 रन पर थे और उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए केवल 7 रनों की ज़रूरत थी. उन्होंने यह मुकाम अपने 43वें टेस्ट मैच में हासिल किया.
26 वर्षीय गिल अपने टेस्ट करियर में अब तक 11 शतक और 8 अर्द्धशतक लगाए हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 269 रन है.
भारत इस समय दो मैचों की टेस्ट सिरीज में 1-0 से आगे है और उसकी नज़रें श्रीलंका में क्लीन स्वीप करने पर हैं.
पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 रन से जीत दर्ज की थी.

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अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद अब और गहरा गया है. ट्रेड टॉक नाकाम होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर निशाना साधा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, "कनाडा एक राज्य बने बिना ही राज्य होने का फ़ायदा उठाना चाहता है. उन्होंने कई सालों तक हमारे महान किसानों से भारी टैरिफ़ भी वसूले हैं. अब और नहीं."
बातचीत नाकाम होने के बाद अमेरिका ने कनाडा के कई सामानों पर 50 फ़ीसदी तक नया टैरिफ़ लगा दिया है.
ट्रंप का यह बयान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नए अमेरिकी टैरिफ को ''ग़लत आकलन'' बताया था.
कार्नी ने कहा था, "इन टैरिफ़ का मक़सद "कनाडा को नुक़सान पहुंचाना और बांटना है."
कार्नी ने ऐलान किया है कि कनाडा भी 8 सितंबर से अमेरिका के टैरिफ का डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब देगा.
इसमें स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स पर लगाए गए टैरिफ शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि दोनों देश अब "ट्रेड वॉर" यानी व्यापार युद्ध की स्थिति में हैं.
कार्नी ने कहा, "उन्होंने बहुत ज्यादा मांगा और बहुत कम देने की पेशकश की.''
उन्होंने आगे कहा, ''जब आप पर हमला होता है तो आप युद्ध में होते हैं. हम पर हमला हुआ है."

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बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' पर सवाल उठाए हैं.
मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. और ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई मांग उचित और देशहित में नहीं है."
मायावती ने कहा, "सदियों से जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता झेल रहे एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है."
उनके मुताबिक़, "आरक्षण को लेकर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे बराबरी वाला समाज बनाने के संवैधानिक लक्ष्य को नुकसान पहुंचे."
उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर भी सवाल उठाया.
मायावती का कहना है कि गरीब लोगों की मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से पहले से कई योजनाएं चल रही हैं. अगर इन योजनाओं का फायदा गरीबों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है, तो इसकी ज़िम्मेदारी सरकारी व्यवस्था और उसमें मौजूद भ्रष्टाचार की है.