जॉर्जिया मेलोनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को क्यों कहा- 'थैंक यू'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री बने रहने पर बधाई दी है. इसके बाद मेलोनी ने उन्हें 'धन्यवाद' कहा है.

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लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, रौनक भैड़ा

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. इसरो के निजीकरण की ख़बरों पर आया बयान, सफ़ाई में क्या कहा

    इसरो

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    इमेज कैप्शन, इसरो ने निजीकरण की ख़बरों को पूरी तरह से "निराधार और ग़लत" क़रार दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्पष्ट किया है कि उसका निजीकरण नहीं किया जाएगा.

    इसरो ने रविवार को मीडिया में चल रही निजीकरण की ख़बरों और क़यासों को पूरी तरह से 'निराधार और ग़लत' क़रार दिया है.

    एजेंसी ने साफ़ किया है कि वह अंतरिक्ष अनुसंधान, रणनीतिक मिशनों और उन्नत तकनीक के विकास के लिए भारत का मुख्य संस्थान बनी रहेगी.

    इसरो ने एक्स पोस्ट में लिखा, "अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों, स्टार्टअप और एकेडमिक संस्थानों की भागीदारी का उद्देश्य उसकी भूमिका को कम करना नहीं, बल्कि देश के स्पेस इकोसिस्टम का विस्तार करना है."

    इसरो ने कहा, "जैसे-जैसे भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमता बढ़ी है, वैसे-वैसे इन कामों को भारतीय कंपनियां ज़्यादा तेज़ी से कर सकती हैं. इसरो ने पहले ही कई तकनीकों को उद्योगों को सौंप दिया है. किसी विकसित तकनीक को उद्योग को सौंपने का यह मतलब नहीं है कि इसरो उस क्षेत्र से पीछे हट रहा है."

    दरअसल, इससे पहले इसरो के नौ कर्मचारी संगठनों ने अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष वी नारायणन को पत्र लिखकर, इसरो के निर्माण जुड़े काम निजी कंपनियों को सौंपने के प्लान पर आधिकारिक जानकारी मांगी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 4 सितंबर को लिखे गए इस पत्र में कर्मचारी संगठनों ने इसरो की आगे की भूमिका और मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ भविष्य में होने वाली भर्तियों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठाए थे.

    इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निजी कंपनियों को बढ़ावा देने के नाम पर इसरो की भूमिका सीमित करने का आरोप लगाया था.

  3. जॉर्जिया मेलोनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को क्यों कहा- 'थैंक यू'

    जॉर्जिया मेलोनी

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    इमेज कैप्शन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री बने रहने पर बधाई दी है. इसके बाद मेलोनी ने उन्हें 'धन्यवाद' कहा है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को इटली के युद्ध के बाद के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता बनने पर हार्दिक बधाई."

    "अपने बेहतर नेतृत्व के ज़रिए उन्होंने इटली की प्रगति और दुनिया में उसकी बढ़ती पहचान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. मैं पाकिस्तान-इटली संबंधों को कई क्षेत्रों में और मज़बूत करने के लिए उनके साथ आगे भी काम करने की उम्मीद करता हूँ. आने वाले वर्षों में उनकी लगातार सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं."

    इसके जवाब में जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में इटली और पाकिस्तान ने सहयोग मज़बूत किया है.

    मेलोनी ने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, इन शब्दों के लिए और इटली-पाकिस्तान के बीच संबंधों की अहमियत को बताने के लिए थैंक यू. हाल के वर्षों में, हमने कई क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत किया है. इसमें व्यापार, विकास के लिए सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध शामिल हैं."

    उन्होंने लिखा, "मुझे पूरा भरोसा है कि इस रिश्ते को और मज़बूत करने और इसे हमारे देशों के लिए नए अवसरों में बदलने की अभी भी संभावनाएं हैं."

    गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जॉर्जिया मेलोनी को बधाई दी थी, जिसके बाद मेलोनी ने उन्हें भी धन्यवाद दिया था.

  4. दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने पर पीएम मोदी ने जारी किया बयान

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पीएम नरेंद्र मोदी का बयान जारी किया है.

    पीएमओ ने एक्स पर पीएम मोदी का बयान पोस्ट किया, "दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत का गिरना दुखद है. अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं."

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी हादसे पर बयान जारी करते हुए दुख व्यक्त किया है.

    जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया, "दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत दुखी हूं. स्थानीय अधिकारी तेज़ी से बचाव और राहत का काम कर रहे हैं. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं."

    उन्होंने कहा, "मैं प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं."

    गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने इस हादसे में अब तक तीन स्टूडेंट की मौतों की पुष्टि की है.

  5. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बताया सत्य निकेतन इलाक़े में क्यों ढही इमारत

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट इलाक़े में रविवार दोपहर एक पांच मंज़िला इमारत ढह गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं.

    उन्होंने कहा कि इमारत के बेसमेंट में खुदाई चल रही थी, जिस कारण पिलर हिला और बिल्डिंग गिर गई.

    सीएम रेखा गुप्ता ने मीडिया से कहा, "यह बहुत दुखद हादसा है. सभी एजेंसियां काम कर रही हैं. 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. हमारे लिए सबसे ज़रूरी उन बच्चों की जान बचाना है, जो संभवतः अभी भी अंदर फंसे हैं. जो भी इस हादसे का ज़िम्मेदार है, चाहे वो बिल्डिंग का मालिक हो या कोई अधिकारी, उस पर कार्रवाई होगी."

    उन्होंने कहा, "यह पुरानी इमारत थी और इसमें रेनोवेशन का काम चल रहा था. बेसमेंट में खुदाई चल रही थी जिस कारण पिलर हिला और इमारत ढह गई. ये बिल्डिंग पीजी के रूप में चल रही थी."

    वहीं, एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया है कि हादसे में 3 बच्चों की मौत हो गई है और बिल्डिंग के मालिक की डिटेल निकाली जा रही है.

  6. यूपी के सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने पर पाकिस्तान ने जारी किया बयान

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने मस्जिद को गिराए जाने की निंदा की है (फाइल फ़ोटो: शहबाज़ शरीफ़)

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद ढहाए जाने पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ख़ान ने मस्जिद गिराए जाने की निंदा की है.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "ऐतिहासिक इस्लामी मस्जिद के ख़िलाफ़ की गई यह निंदनीय कार्रवाई, इस्लामी विरासत को मिटाने के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान का एक और उदाहरण है, जो इस्लामोफोबिक और हिंदुत्व की सोच से प्रेरित है."

    "1992 में ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद का ढहाया जाना आज भी धार्मिक असहिष्णुता, भेदभाव और नफ़रत की इस सोच का एक स्थायी प्रतीक बना हुआ है."

    बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो भारत में 'मुसलमानों के साथ उत्पीड़न और मस्जिदों को नुक़सान पहुंचाने या तोड़े जाने की घटनाओं' पर तुरंत ध्यान दे.

    पाकिस्तान ने कहा, "सभी अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुसलमानों की धार्मिक आज़ादी और सांस्कृतिक विरासत के ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाइयों के लिए भारतीय अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."

    दरअसल, सहारनपुर में कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के भीतर मौजूद एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद शनिवार सुबह गिरा दिया गया.

    यह प्रशासनिक कार्रवाई चार सितंबर को ज़िला जज की अदालत के उस फ़ैसले के बाद हुई, जिसमें मस्जिद प्रबंधन समिति की अपील ख़ारिज कर दी गई और पहले के फ़ैसले को बरक़रार रखा गया.

    गौरतलब है कि धार्मिक ढांचे को सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण माना गया था. सिटी मजिस्ट्रेट ने जुलाई में मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश जारी किया था.

  7. राहुल गांधी और अमित शाह ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने पर क्या कहा?

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि हर स्टूडेंट की जान क़ीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बयान जारी किया है.

    राहुल गांधी ने कहा कि हर स्टूडेंट की जान क़ीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए.

    राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की ख़बर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की ख़बर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई स्टूडेंट भी शामिल हैं."

    "मेरी अपील है कि एनडीआरएफ़, दिल्ली फ़ायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक स्टूडेंट तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए. कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं."

    उन्होंने कहा, "स्टूडेंट का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था- अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण स्टूडेंट पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं. हर स्टूडेंट की जान क़ीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए."

    अमित शाह ने क्या कहा?

    गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बचाव अभियान जारी है.

    उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, "दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के गिरने की ख़बर से बहुत दुखी हूं. मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस के कमिश्नर और एनडीआरएफ़ के डायरेक्टर जनरल से बात की और हालात को जाना."

    शाह ने लिखा, "स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ़ की टीमें आपसी तालमेल के साथ बचाव अभियान चला रही हैं. घायलों को सभी ज़रूरी चिकित्सा मदद दी जा रही है. मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं."

    गौरतलब है कि हादसे वाली जगह पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहुंची हैं.

  8. दिल्ली में इमारत ढहने पर बोले पप्पू यादव- भाषण नहीं, मदद चाहिए

    पप्पू यादव

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    इमेज कैप्शन, लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने कहा कि इमारत ढहने की घटना दुखद है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में एक इमारत ढहने के बाद बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है.

    पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "दिल्ली में बहुमंज़िली इमारत गिर गई है. बहुत सारे बच्चे इसके नीचे दब गए हैं, अत्यंत दुःखद, हम सब मर्माहत हैं!"

    शनिवार को पीएम मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय में एक कॉलेज जाने का ज़िक्र करते हुए उन्होंने लिखा, "आज रेस्क्यू करने आइए पीएम साहब. भाषण नहीं, मदद कीजिए."

    गौरतलब है कि पीएम मोदी शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह शामिल हुए थे. उन्होंने यहाँ मौजूद छात्र-छात्राओं को संबोधित भी किया था.

  9. बाल विवाह के ख़िलाफ़ 27 नवंबर को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय दिवस, यूएन में प्रस्ताव को मिली मंज़ूरी

    बाल विवाह के खिलाफ महिलाएं

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    इमेज कैप्शन, यह प्रस्ताव भारत समेत 67 देशों के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया गया था. 4 सितंबर को प्रस्ताव पारित किया गया (सांकेतिक तस्वीर)

    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

    यह प्रस्ताव भारत समेत 67 देशों के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया गया था. 4 सितंबर को प्रस्ताव पारित किया गया.

    दरअसल, 27 नवंबर की तारीख़ इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन 2024 को भारत सरकार ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी.

    बाल अधिकारों के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन जस्ट राइट्स फ़ॉर चिल्ड्रन (जेआरसी) के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा, "अब सरकारों को 2030 तक बाल विवाह ख़त्म करने के लिए प्रभावी क़दम उठाने की ज़रूरत है."

    गौरतलब है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में 18 वर्ष से पहले विवाह करने वाली लड़कियों का अनुपात घटा है.

    राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-21) में यह आंकड़ा 23.3 फ़ीसदी था, जबकि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 (2023-24) में यह घटकर 20.1 फ़ीसदी रह गया.

  10. दिल्ली में इमारत गिरने के बाद बोले अभिजीत दीपके- क्या पीएम फिर डीयू जाएंगे

    अभिजीत दीपके

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली में हुए हादसे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया आई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में रविवार दोपहर एक इमारत ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. इस हादसे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया आई है.

    अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कल पीएम ने डीयू का दौरा किया, राजनीतिक भाषण दिया और ‘दिमाग़ी नक्सल’ शब्द का भी इस्तेमाल किया, जबकि उन्होंने हमारी शिक्षा व्यवस्था की ख़राब हालत के बारे में बहुत कम बात की. आज साउथ कैंपस में एक हॉस्टल की इमारत गिर गई है और आशंका है कि मलबे के नीचे स्टूडेंट फंसे हो सकते हैं. अभी तक कितने लोगों की जान गई है, इसकी जानकारी नहीं है."

    "आख़िर कब तक इस देश के स्टूडेंट को ख़राब व्यवस्था और लापरवाही की क़ीमत चुकानी पड़ेगी? आदिवासी इलाक़ों में देखभाल और मदद की कमी के कारण आदिवासी स्टूडेंट की जान जा रही है और देश की राजधानी में पढ़ने वाले स्टूडेंट भी सुरक्षित नहीं हैं."

    दीपके ने एक्स पर लिखा "स्टूडेंट को सुरक्षित क्लासरूम, सुरक्षित हॉस्टल और सम्मान के साथ जीने की बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए. क्या इतनी मांग करना भी बहुत ज़्यादा है? क्या पीएम एक बार फिर डीयू जाएंगे और बताएंगे कि ऐसा कैसे हुआ?"

    इससे पहले दीपके ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "स्टूडेंट मलबे के नीचे फंसे हुए हैं और स्थानीय लोग अपने हाथों से उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से एक भी व्यक्ति यहां नज़र नहीं आ रहा है. जब हर एक मिनट किसी की जान बचा सकता है, तो प्रशासन कहां है? और आख़िर कब तक ऐसा होता रहेगा?"

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "सत्य निकेतन, आरके पुरम में इमारत गिरने की घटना से बेहद चिंतित हूं. डीडीएमए, एनडीआरएफ़, दिल्ली फ़ायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफ़ेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं."

    मुख्यमंत्री ने बताया कि एहतियात के तौर पर बगल वाली इमारत को खाली करा लिया गया है.

  11. दिल्ली में इमारत गिरने के बाद तस्वीरों में दिखा ऐसा मंज़र

    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, इस हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है

    दिल्ली के सत्य निकेतन इलाक़े में रविवार दोपहर एक इमारत ढह गई, जिसमें हॉस्टल चल रहा था और बच्चे रह रहे थे.

    हादसा मोती बाग़-2 स्थित शिव मंदिर के पास हुआ. इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है.

    घटनास्थल पर पहुंचे बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने बताया, "कुछ स्टूडेंट अंदर से फ़ोन भी कर रहे हैं और लगता है कि अभी भी कुछ और लोग अंदर फंसे हुए हैं."

    हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें दिख रहा है कि मलबा हटाया जा रहा है.

    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दिल्ली अग्निशमन विभाग को दोपहर क़रीब 1.30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया
    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि यह बताना मुश्किल है कि अंदर पांच, दस या बीस स्टूडेंट हैं, लेकिन इतना तय है कि स्टूडेंट अंदर फंसे हुए हैं. बचाव अभियान जारी है
    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पांच दमकल गाड़ियों और पुलिस की टीमों को मौके पर भेजा गया है और बचाव अभियान जारी है
    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने आशंका ज़ाहिर की है कि इमारत के मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के कई स्टूडेंट दबे हो सकते हैं
    गिरी हुई इमारत

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर बगल वाली इमारत को खाली करा लिया गया है
  12. ईरान की अमेरिका को नई चेतावनी- अब खेल के नियम बदल गए हैं

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ

    इमेज स्रोत, Hamed Malekpour/Iranian Parliament Communication Office/Handout via Getty Images

    इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने रविवार को कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वालों को अब 'पहले से ज़्यादा तेज़' और 'दर्दनाक' जवाब दिया जाएगा.

    उन्होंने कहा कि ‘सीमित जवाब’ का दौर ख़त्म हो चुका है और 'खेल के नियम बदल गए' हैं.

    संसद में अपने संबोधन के दौरान ग़ालिबाफ़ ने कहा, "ईरानी सैन्य बलों की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर किए गए ज़ोरदार हमलों के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश हताशा की स्थिति में हैं."

    ग़ालिबाफ़ ने कहा, "विरोधी पक्ष ख़ाली शब्दों और नारों के सहारे युद्धक्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहा है."

    ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि ‘सीमित जवाब’ का दौर अब ख़त्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि हालिया अभियान में किए गए ईरानी हमले केवल शुरुआत थे.

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर अमेरिका ने अब तक स्थिति को नहीं समझा है, तो उसे बहुत देर होने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि खेल के नियम बदल चुके हैं."

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने यह भी दावा किया कि ईरान की आगे की जवाबी कार्रवाई और तेज़ होगी.

    गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान ने शनिवार को जहाज़ों पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ जवाबी हमले किए. यह एक सप्ताह पहले लड़ाई शुरू होने के बाद हमलों का ताज़ा दौर है. इससे पहले क़रीब एक महीने तक हालात आमतौर पर शांत थे.

  13. दिल्ली: छत का प्लास्टर गिरने से 15 वर्षीय लड़के की मौत

    हादसा

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    इमेज कैप्शन, हादसा रविवार सुबह क़रीब पांच बजे वेलकम इलाके में क़ब्रिस्तान पुलिया के पास हुआ (सांकेतिक तस्वीर)

    नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के वेलकम इलाके़ में रविवार तड़के कमरे की छत का सीमेंट प्लास्टर गिरने से 15 वर्षीय लड़के की मौत हो गई.

    पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त लड़का अपने जुड़वां भाई के साथ कमरे में सो रहा था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया, हादसा रविवार सुबह क़रीब पांच बजे वेलकम इलाके़ में क़ब्रिस्तान पुलिया के पास हुआ. अचानक छत का प्लास्टर टूट कर किशोर के ऊपर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.

    घटना की सूचना पुलिस को सुबह क़रीब सात बजे मिली. परिजन किशोर को तुरंत आनंद विहार स्थित कैलाश दीपक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

  14. ईरान: तेल टैंकर में लगी आग, 11 लोगों की मौत और सात घायल

    टैंकर विस्फोट

    इमेज स्रोत, Ahsan Mohammed Ahmed Ahmed/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, 20 हज़ार लीटर गैसोलीन ले जा रहे एक ईंधन टैंकर ने पीछे से एक मिनी बस को टक्कर मार दी, जिससे विस्फोट हुआ (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान में सनंदज-हमदान हाईवे पर एक ईंधन टैंकर में आग लगने से 11 लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए.

    इस घटना के बाद कुर्दिस्तान के गवर्नर ने पूरे प्रांत में दो दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की है.

    समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कुर्दिस्तान न्याय विभाग के जनसंपर्क कार्यालय का हवाला देते हुए बताया कि यह घटना शनिवार शाम क़रीब 5:30 बजे सनंदज शहर की एंट्री के पास हुई.

    20 हज़ार लीटर गैसोलीन ले जा रहे एक ईंधन टैंकर ने पीछे से एक मिनी बस को टक्कर मार दी, जिससे विस्फोट हुआ और दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई.

    कुर्दिस्तान के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद जब्बारी ने कहा है कि घटना के कारणों की जांच के लिए मुक़दमा दर्ज किया गया है.

    उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि दुर्घटना का कारण ईंधन टैंकर के ब्रेक में तकनीकी ख़राबी थी.

  15. अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  16. राहुल गांधी ने सिवान में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए छात्रों से की मुलाक़ात, सरकार से किए सवाल

    राहुल गांधी और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र

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    इमेज कैप्शन, 25 जुलाई को सिवान में प्रदर्शन के दौरान एके 47 राइफ़ल का इस्तेमाल हुआ था

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार के सिवान ज़िले में नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाक़ात की है.

    राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी आपबीती सुनी और इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है.

    राहुल गांधी ने लिखा, "सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही."

    "एक छात्र के पैर की हड्डी एके 47 की गोली से टूट गई. सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया. दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई. ये अपराधी नहीं थे. ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे. किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे."

    राहुल गांधी ने लिखा, "गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है? प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी. क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?"

    राहुल गांधी इन छात्रों को मदद का भरोसा दिया है.

    देश भर में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बिहार का सिवान ज़िला काफ़ी चर्चा में रहा था. 25 जुलाई को सिवान में प्रदर्शन के दौरान एके 47 राइफ़ल का इस्तेमाल हुआ था.

    प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ एके 47 के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया था.

  17. मध्य प्रदेश: सागर ज़िले में कम से कम नौ लोगों की मौत, ज़हरीली शराब पीने का शक़

    सागर ज़िले के चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ आफ़िसर देवेश पटेरिया

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    इमेज कैप्शन, सागर ज़िले के चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ आफ़िसर देवेश पटेरिया

    मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में संदिग्ध ज़हरीली शराब पीने से कम से सम 9 लोगों की मौत हो गई है.

    सागर ज़िले के चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ आफ़िसर देवेश पटेरिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "अभी तक नौ से दस मौतों का आंकड़ा सामने आया है. इलाक़े के तीन गांवों में डॉक्टरों की टीमें लगी हुई हैं और घर-घर जाकर बीमार लोगों की पहचान की जा रही है."

    उन्होंने संदेह जताया कि यह ज़हरीली शराब का मामला हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि करने से इंकार कर दिया.

    देवेश पटेरिया के मुताबिक़ क़रीब 25 लोगों को बीमार होने के बाद इलाज के लिए रेफर किया गया है.

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "मैंने प्रभारी मंत्री को निर्देश दिए हैं और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने, सख्त से सख्त कदम उठाने और पूरी जांच करने के निर्देश दिए हैं. हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी."

    इन मौतों और लोगों के बीमार होने की घटना बंडा तहसील के चार गांवों से जुड़ी हैं.

    सागर ज़िले की डीएम (ज़िलाधिकारी) प्रतिभा पाल ने कहा, "सुबह से कथित तौर पर अवैध शराब के सेवन से बीमार होने और मौतों की ख़बरें सामने आई हैं... डॉक्टरों की टीम और एसडीएम की टीम भी आसपास के इलाक़ों में मौजूद है."

    "जिसमें चिन्हित किए गए दो गांव नूरा और घुघरू भी शामिल हैं, जहां स्क्रीनिंग की जा रही है. जिन्हें भी लगता हो कि उनमें किसी तरह का कोई लक्षण है या पिछले 24 से 48 घंटों में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया हो, वे अपनी जांच ज़रूर करा लें."

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "कुछ दिन पहले भी यहां ऐसी ही घटना हुई थी. पूरे राज्य में शराब माफिया खुलेआम काम कर रहे हैं और मासूम लोगों की जान ख़तरे में डाल रहे हैं."

  18. पीएम मोदी के भाषण पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'छात्रों की गूंज सुनिए, इधर-उधर की बातें मत करिए'

    मल्लिकार्जुन खड़गे और मोदी

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    इमेज कैप्शन, डीयू के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने 'नाराज़ फूफा' और दिमाग़ी नक्सली जैसे शब्दों का ज़िक्र किया (सांकेतिक तस्वीर)

    शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) में पीएम मोदी के भाषण पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल खड़े किए हैं.

    खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मोदी जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के एसआरसीसी गए थे. यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का मौक़ा था. लेकिन अफ़सोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया."

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "मोदी जी के काम करने का तरीका है- लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को साल दर साल एक नया एडजेक्टिव देना, ताकि उनकी ख़ुद की नाकामियाँ छिपी रहे. नाराज़ फूफा, दिमाग़ी नक्सल, अर्बन नक्सल, ख़ान मार्केट गैंग, आंदोलनजीवी, परजीवी."

    खड़गे ने आरोप लगाया कि 'एडजेक्टिव बदलते रहते हैं, पर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियाँ नहीं बदलतीं. मोदी जी, आउटरीच तभी करनी पड़ती है, जब आप आउट ऑफ़ रीच हो जाते हैं.'

    उन्होंने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री जी ने अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाया. देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है. इस रिपोर्ट कार्ड में है - बेरोज़गारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियाँ, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महँगी होती शिक्षा, घटते छात्रवृत्ति के मौक़े और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव. 'छात्रों की गूंज सुनिए' इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा."

    शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज में हुए कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधा था.

    डीयू के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) उन्होंने 'नाराज़ फूफा' और दिमाग़ी नक्सली का ज़िक्र था.

  19. पीएम के भाषण पर बोली सीजेपी: 'छात्रों की चुनौतियों पर बात करने के बजाय दिमाग़ी नक्सल जैसी बकवास का सहारा'

    मोदी

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    इमेज कैप्शन, शनिवार को पीएम मोदी दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (एसआरसीसी) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कई लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "वाह. भारत के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक में जाकर और एक बार फिर सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी को 'दिमाग़ी नक्सल' कहना, किसी प्रधानमंत्री के सबसे शर्मनाक काम में से एक होना चाहिए. वह भी शिक्षक दिवस के दिन."

    पीएम मोदी ने 15 अगस्त के अपने भाषण का ज़िक्र करते हुए शनिवार को कहा, "होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है. जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमाग़ी नक्सल बाहर आने लगे. मगर जनता उनका असली रंग देख रही है."

    सौरव दास ने लिखा, "वह इस बारे में बात कर सकते थे कि एसआरसीसी के शिक्षकों को मेडिकल और चाइल्डकेयर लीव नहीं मिलने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन क्यों करना पड़ा. वह एसआरसीसी के छात्रों को जर्जर हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का वादा कर सकते थे. वह हाइपर-कॉम्पिटिशन के उस भारी दबाव को स्वीकार कर सकते थे, जिसका वे सामना कर रहे हैं."

    सौरव दास के मुताबिक़, "वह इस बारे में भी बात कर सकते थे कि एक दशक में क़रीब 1 लाख स्कूल बंद हो गए हैं. क़रीब 9 करोड़ युवा भारतीय बिना किसी नौकरी, शिक्षा या ट्रेनिंग के फंसे हुए हैं. स्कूल के 73% छात्र हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी करने से पहले पढ़ाई छोड़ देते हैं. वह पिछले 12 साल में अपनी ही सरकार में शिक्षा बजट को आधा किए जाने पर भी जवाब दे सकते थे."

    सौरव दास ने आरोप लगाया, "इसके बजाय, प्रधानमंत्री ने शिक्षक दिवस का इस्तेमाल एक और राजनीतिक भाषण के लिए किया, जिसमें युवा भारतीयों की पूरी एक पीढ़ी को इसलिए बदनाम किया गया क्योंकि उनकी नज़र में उन्होंने माफ़ न करने वाला काम किया है- जो है सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करना."

    वहीं सीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लिखा, "एसआरसीसी जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज के शताब्दी समारोह में जाकर आप उम्मीद करते कि प्रधानमंत्री शिक्षा, नौकरियों, छात्रों के सामने मौजूदा चुनौतियों पर बात करेंगे."

    इसके बजाय, उन्होंने "दिमाग़ी नक्सल" जैसी बकवास का सहारा लिया.

    जब आपक ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ की डिग्री लेते हैं तो ऐसा ही होता है.

    शनिवार को एसआरसीसी में हुए कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने अपने भाषण में 'दिमागी नक्सल' और 'नाराज़ फूफा' जैसे शब्दों का ज़िक्र किया था.

  20. निशु आज़ाद ने पुलिस सुरक्षा की मांग की, कहा, 'घर पर पत्थरबाज़ी की जा रही है'

    निशु आज़ाद ने अपने घर पर कथित हमले की यह तस्वीर साझा की है

    इमेज स्रोत, @Nishuazad11

    इमेज कैप्शन, निशु आज़ाद ने अपने घर पर कथित हमले की यह तस्वीर साझा की है

    कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आज़ाद ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है.

    उन्होंने लिखा, "मैं पुलिस अधिकारियों से सम्मान के साथ अनुरोध करती हूं कि कृपया ज़रूरी सुरक्षा मुहैया कराएं, क्योंकि मुझे अपनी सुरक्षा को लेकर सच में चिंता हो रही है. आपकी फ़ौरन सहायता की बहुत ही सराहनीय होगी."

    साथ ही निशु आज़ाद ने इस पोस्ट में अपना एक वीडियो और घर के बाहर की तस्वीर भी साझा की है.

    उन्होंने कहा, "अब तो हद ही हो गई है. ये लोग धमकी देने के साथ-साथ मेरे घर के सामने खड़े होकर, मुझे चिल्ला-चिल्लाकर भड़काऊ बातें कर रहे हैं."

    निशु ने कहा, "अब मेरे परिवार की सुरक्षा कौन करेगा, अगर ये लोग कल को मेरे घर के अंदर घुस गए. मां-पिताजी के साथ कुछ किया तो कौन ज़िम्मेदार होगा?"

    इसके बाद निशु आज़ाद ने अपने एक्स हैंडल पर एक अन्य वीडियो और तस्वीर में आरोप लगाया कि किसी ने उनके घर पर पत्थर फेंके हैं. उन्होंने सवाल किए हैं कि अगर उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो कौन ज़िम्मेदार होगा."

    दरअसल निशु आज़ाद ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वो कह रही थीं, "स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सर्कुलेट हो रहा है देश भर में, जिसमें वो ख़ुद स्वीकार कर रहा है कि उसने मेरे पापा का सर फोड़ा और उस पर हत्या के प्रयास का मामला लगना चाहिए था, 307 धारा लगनी चाहिए थी."

    निशु आज़ाद के इस पोस्ट के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में सीजेपी ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की थी और उसके बाद पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की थी.