अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो 20 जनवरी को अमेरिका के अगले राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे.
ट्रंप ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.
बुधवार को उनके समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद भवन पर हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ने उन पर पाबंदी लगा दी थी. लेकिन क़रीब 12 घंटों के बाद ट्विटर ने उन पर लगी पाबंदी हटा ली है. फ़ेसबुक, स्नैपचैट और इंस्टाग्राम ने अभी भी उनपर पाबंदी लगा रखी है.
ट्विटर पर पाबंदी हटने के बाद ट्रंप ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें उनका टोन पहले से बिल्कुल अलग लग रहा था और उस वीडियो में उन्होंने सुलह सफ़ाई की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण सत्ता का हस्तांतरण होगा.
इस वीडियो में उन्होंने बुधवार की हिंसा की निंदा भी की.
लेकिन उसके बाद फिर उन्होंने अपने पुराने अंदाज़ में ट्वीट किया और अपने वोटरों का बचाव करते हुए कहा कि उनका अपमान नहीं होगा और ना ही उनके साथ ग़लत व्यवहार होगा.
ट्रंप ने ट्वीट किया, ''सात करोड़ 50 लाख महान अमेरिकी देशभक्त जिन्होंने मुझे वोट दिया, अमेरिका फ़र्स्ट और अमेरिका को दोबारा महान बनाने के लिए वोट दिया, भविष्य में उनकी आवाज़ सुनी जाएगी. उनका अपमान नहीं होगा या उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होगा.''
इस बीच व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार की हिंसा में मारे गए पुलिस ऑफिसर के परिवार के पति शोक जताया है.
प्रवक्ता जुडे डीरे के अनुसार ट्रंप और उनके पूरे प्रशासन ने मारे गए पुलिस अधिकारी के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
बुधवार की हिंसा में मारे गए अधिकारी पर ट्रंप का यह पहला बयान है, लेकिन यह बयान संसद की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के मारे गए पुलिस अधिकारी के सम्मान में संसद भवन परिसर के ऊपर लगे सभी अमेरिकी झंडे को आधे झुकाने के आदेश के बाद आया.
इस बीच ट्रंप पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ता जा रहा है.
डेमोक्रैट सांसद जेम्स कलाईबर्न ने कहा है कि अगर उप-राष्टपति माइक पेन्स और कैबिनेट के सदस्य संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप को उनके पद से नहीं हटाते हैं तो राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
सीएनएन से बात करते हुए उन्होंने कहा, हमलोग अगले छह से सात दिनों में राष्ट्रपति पर महाभियोग प्रस्ताव ला तो सकते हैं लेकिन उन्हें पद से हटा नहीं सकते.
उनके अनुसार इसका कारण यह है कि निचले सदन में तो ट्रंप के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित हो जाएगा लेकिन ऊपरी सदन सीनेट में इतनी जल्दी प्रक्रिया पूरी करना और उन्हें पद से हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाना आसान नहीं होगा.
इस बीच अमेरिकी के अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपने संपादकीय पेज पर लिखा है कि ट्रंप को दूसरे महाभियोग प्रस्ताव से बचने के लिए ख़ुद ही इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
अख़बार ने लिखा है कि बुधवार की घटना चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण की संवैधानिक प्रक्रिया पर हमला थी.
अख़बार के अनुसार यह कार्यपालिका की तरफ़ से विधायिका पर भी हमला था, जिस कार्यपालिका ने अमेरिका के संविधान की रक्षा करने की शपथ ली थी.