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मुंबईः चलती लोकल ट्रेन में 22 साल के युवक की हत्या, जानिए क्या है मामला
- Author, अल्पेश करकरे
- पदनाम, बीबीसी मराठी
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
मुंबई की एक चलती लोकल ट्रेन में 22 साल के युवक मयंक लोहार पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई.
यह घटना 23 जून की रात क़रीब 10 बजे अंधेरी और बोरीवली रेलवे स्टेशनों के बीच चल रही एक लोकल ट्रेन में हुई.
पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेन के कोच का दरवाज़ा बंद करने को लेकर हुए विवाद में यह हत्या हुई.
इस हत्या के अभियुक्त की पहचान 30 साल के रोशन सुवर्णा के रूप में हुई है. हत्या के बाद रोशन, बोरीवली स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 6 पर ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही उतर कर फ़रार हो गया.
हालांकि पुलिस ने अभियुक्त रोशन सुवर्णा को 24 जून यानी बुधवार को कुर्ला गिरफ़्तार कर लिया.
अभियुक्त रोशन वहां से उत्तर प्रदेश भागने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) ने उसे कुर्ला रेलवे स्टेशन से गिरफ़्तार कर लिया और इसकी जानकारी बोरीवली जीआरपी को दी.
क्या था विवाद?
लोकल ट्रेन में चाकूबाज़ी की यह घटना 23 जून 2026 को चर्चगेट-नालासोपारा फ़ास्ट लोकल में हुई.
घटना में जान गंवाने वाले मयंक लोहार और अभियुक्त रोशन सुवर्णा, दोनों अंधेरी स्टेशन से लोकल ट्रेन में सवार हुए थे. दोनों एक ही फ़र्स्ट क्लास डिब्बे में सफ़र कर रहे थे.
बाहर तेज़ बारिश हो रही थी. इसी वजह से लोकल ट्रेन के दरवाज़े बंद करने को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई.
इसी बहस के दौरान अभियुक्त रोशन सुवर्णा ने मयंक लोहार पर चाकू से हमला कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, ट्रेन रात 11:04 बजे बोरीवली स्टेशन पहुंची.
इसके बाद रात 11:12 बजे आरपीएफ़ और जीआरपी के जवान संबंधित डिब्बे में पहुंचे और घायल मयंक लोहार को बाहर निकालकर तत्काल इलाज के लिए ले गए.
हालांकि, 'इमरजेंसी मेडिकल रूम' (ईएमआर) में डॉक्टरों ने मयंक लोहार की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) इस घटना की जांच कर रही है.
सीसीटीवी फ़ुटेज और अन्य अहम सबूतों को तुरंत ज़ब्त कर जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया है.
मयंक के परिवार वालों ने क्या बताया
मयंक की बुआ तुलसी सोनार ने पत्रकारों से कहा, "ट्रेन में सभी लोग कह रहे थे कि अंदर बारिश आ रही है, दरवाज़ा बंद कर दो. मयंक ने दरवाज़ा बंद कर दिया. तभी उसने (अभियुक्त) मयंक से पूछा कि 'तुम दरवाज़ा क्यों बंद कर रहे हो?' उसने मयंक को गालियां देनी शुरू कर दीं और फिर सीधे उसके पेट में चाकू मार दिया."
मयंक की बहन ने कहा, "यह घटना कांदिवली और बोरीवली के बीच कहीं हुई थी. हमें रात क़रीब 12 से 12:15 बजे के बीच पुलिस का फ़ोन आया."
"अगर कोई इस तरह चाकू मारकर किसी की हत्या कर रहा था, तो बाक़ी लोग क्या कर रहे थे? उनके भी बेटे या भाई होंगे. आज यह मेरे भाई के साथ हुआ है. कल किसी के साथ भी हो सकता है."
उन्होंने अपने भाई के लिए इंसाफ़ की मांग की और अपराधी को सज़ा देने की मांग की.
पुलिस ने क्या बताया?
बोरीवली रेलवे के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्ता खुपरेकर के मुताबिक़, "यह घटना मंगलवार, 23 जून की रात क़रीब 10 बजे मुंबई लोकल में हुई. चाकू से हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है. मृतक की पहचान मयंक लोहार के रूप में हुई है."
कांदिवली और बोरीवली स्टेशनों के बीच भारी बारिश हो रही थी. इसी दौरान लोकल ट्रेन का दरवाज़ा बंद करने को लेकर यात्रियों के बीच विवाद हो गया.
अभियुक्त की गिरफ़्तारी के बाद दत्ता खुपरेकर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "बोरीवली पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया है. ट्रेन के फ़र्स्ट क्लास डब्बे में दरवाज़ा बंद करने को लेकर दो प्रवासियों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें चाकू मारकर मयंक की हत्या की गई थी."
ट्रेन में चाकूबाज़ी का यह एक गंभीर मामला था. हमारे दस अधिकारी और 70 से ज़्यादा सदस्यों ने मिलकर सात टीमें बनाईं और इस मामले की जांच में जुट गए.
दत्ता खुपरेकर ने कहा, "अभियुक्त रोशन मीरा भयंदर में रहता है, मृतक और हमलावर दोनों अंधेरी में ही नौकरी करते थे. दोनों एक-दूसरे को नहीं जानते थे. रोशन से आगे की पूछताछ जारी है. हम यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वह ट्रेन में चाकू लेकर क्यों चल रहा था."
पश्चिम रेलवे पुलिस के मुताबिक़, "बहस के बाद कुछ यात्रियों ने अभियुक्त की पिटाई कर दी. पिटाई से नाराज़ अभियुक्त ने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक लोहार पर हमला कर दिया. हमले में मयंक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद अभियुक्त लोकल ट्रेन से फ़रार हो गया."
मयंक को ख़ून से लथपथ पड़ा देख यात्रियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. रेलवे पुलिस ने मौके पर तत्काल पहुंच कर घायल की मदद की.
पश्चिम रेलवे ने बताया कि बोरीवली जीआरपी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी ने क्या बताया
मीडिया से बात करते हुए पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, हमने तुरंत घायल व्यक्ति की मदद की."
"रेलवे स्टेशन पहुंचने के तीन मिनट के भीतर आरपीएफ़ और जीआरपी के जवान कोच में पहुंच गए और घायल यात्री की मदद की. मेडिकल टीम, स्ट्रेचर और पोर्टर भी कोच तक पहुंच गए थे."
उन्होंने आगे कहा, "मैं यात्रियों को बताना चाहता हूं कि हमारा सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है. हम आपकी यात्रा को सुखद बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.