कॉकरोच जनता पार्टी: अभिजीत दीपके बोले, 'आज रात भी प्रदर्शन रहेगा जारी', जंतर-मंतर पर कैसा है माहौल

अभिजीत दीपके

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इमेज कैप्शन, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनका धरना रविवार रात भी जारी रहेगा.

कॉकरोच इज़ बैक के एक्स अकाउंट पर लिखा, "अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाते हैं, तो यह उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है."

सीजेपी ने कहा, "लगातार दूसरे दिन भी कॉकरोच जंतर-मंतर पर पूरी रात डटे रहेंगे. जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते, हम यहां से नहीं जाएंगे. अगर सरकार को लगता है कि थकान इस आंदोलन को ख़त्म कर देगी, तो वह ग़लतफ़हमी में है. यह प्रदर्शन केवल और बड़ा होगा."

नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की शिकायतों के बाद रविवार (21 जून 2026) को यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा आयोजित हुई.

अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि 20 जून से धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. हालांकि रविवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की संख्या काफ़ी कम दिखी.

शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में दीपके ने जंतर-मंतर पर मौजूद सुरक्षाबलों से कहा, "मैं पुलिस से आग्रह करता हूं कि लोगों को जंतर-मंतर आने से न रोकें. हम कुछ भी ग़लत नहीं कर रहे हैं. हम उन बच्चों के लिए इंसाफ़ की मांग कर रहे हैं जिन्होंने आत्महत्या कर ली."

(आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

रविवार को जंतर मंतर का माहौल

जंतर मंतर
इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर पर 21 जून को बैठे कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक

रविवार को जंतर मंतर पर उतनी भीड़ नहीं दिखी, जो शनिवार को थी.

हालांकि अभिजीत दीपके एक वीडियो में पुलिस कर्मियों से लोगों को आने देने की अपील करते दिखाई देते हैं.

इससे पहले शनिवार दोपहर से ही जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है. जबकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की थी कि वे जल्द से जल्द प्रदर्शन स्थल को ख़ाली करें.

इससे पहले अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह पर मौजूद टॉयलेट की पानी की सप्लाई काट दी गई है और शनिवार रात से ही वहाँ पानी की सप्लाई बंद कर दी गई.

एक अन्य पोस्ट में दीपके ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान अपने आलीशान सरकारी निवास पर सो रहे हैं .12 बच्चों ने आत्महत्या की उनको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा. लेकिन उनके ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे युवाओं के लिए बाथरूम में पानी तक नहीं है."

कॉकरोच जनता पार्टी जेन ज़ी से अपील कर रही है कि वे जंतर-मंतर पर पहुँचे, "जहाँ थोड़ा क्रिकेट होगा, थोड़ा आंदोलन होगा."

शनिवार को रात भर क्या हुआ

कई प्रदर्शनकारी रातभर जंतर-मंतर पर डटे रहे
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद शनिवार दोपहर से प्रदर्शनकारियों का वहां इकट्ठा होना शुरू हो गया था.

इनमें से कई लोगों के पास कॉकरोच वाला मास्क भी था जबकि कई लोग थाली और चम्मच लेकर भी पहुंचे.

इससे पहले दीपके ने लोगों से अपील की थी कि वो प्रदर्शन के लिए थाली और चम्मच लेकर जंतर-मंतर पर पहुंचें.

'गो प्रधान गो' (धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो) नारों के साथ चल रहे इस प्रदर्शन के शनिवार शाम तक ख़त्म होने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक अभिजीत दीपके ने घोषणा कर दी कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे.

उन्होंने लोगों से अपील करनी शुरू कर दी कि वे शाम 6 बजे जंतर-मंतर पर इकट्ठा हों.

इस प्रदर्शन में देर रात तक दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों के साथ ही एआईएसए, एसएफ़आई और एआईएसफ़ जैसे छात्र संगठनों के सदस्य भी मौजूद रहे.

बीबीसी मराठी संवाददाता नीलेश धोत्रे इस दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि पूरी रात जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी जुटे रहे, हालाँकि उनकी संख्या काफ़ी कम हो गई थी.

कई प्रदर्शकारी जंतर-मंतर पर रात भर सोते नज़र आए.

नीलेश धोत्रे के मुताबिक़ जंतर-मंतर पर अचानक बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी भी पहुंचे और एक बार तो ऐसा लगा कि पुलिस अभिजीत दीपके को वहां से हटा भी सकती है, हालाँकि ऐसा कुछ नहीं हुआ.

कॉकरोच जनता पार्टी के पुलिस पर आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी

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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की है

अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 'शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे.'

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए शनिवार देर रात को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया.

अभिजीत दीपके ने शनिवार को एक्स पर दावा किया, "दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर खाना, पानी, स्ट्रीट लाइट और वॉशरूम की अनुमति नहीं दे रही है. बैरिकेड की दूसरी ओर लोग खड़े हैं और पुलिस उन्हें आने नहीं दे रही है."

इसके साथ ही अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो पुलिसकर्मियों से पूछ रहे हैं कि "पानी रोकने और लाइट बंद करने का फ़रमान किसने दिया है."

अभिजीत दीपके ने लोगों से जंतर-मंतर आने की अपील की.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके ने कहा, "हम लोगों ने पूरी कोशिश की, हम इस प्रदर्शन को जितना खींच सकते हैं, खींच चुके हैं. लेकिन आपके साथ के बिना यह प्रदर्शन सफल नहीं होगा. छात्रों, पैरेंट्स, टीचर्स और ख़ास करके दिल्ली वालों से विनती है कि वो प्रदर्शन में शामिल हों."

दीपके ने कहा, "आपके घर में लड़ाई हो रही है, आपके घर में हम आपका हक़ मांग रहे हैं. अगर अभी भी आप आगे नहीं आए, अगर अभी भी आप साथ में नहीं आए तो एक जो उम्मीद इस देश में बची है, वो भी ख़त्म हो जाएगी. अब आपकी ज़िम्मेदारी है."

कॉकरोच जनता पार्टी क्या है और कैसे बनी

सीजेपी की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र इस्तीफ़ा दें या उन्हें पद से हटा दिया जाए
इमेज कैप्शन, सीजेपी की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र इस्तीफ़ा दें या उन्हें पद से हटा दिया जाए

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' चर्चा में आई.

जस्टिस सूर्यकांत के बयान के बाद एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन से चंद दिनों में दो करोड़ से अधिक फॉलोवर जुड़ गए.

इसके एक्स अकाउंट को बैन किया गया तो कैंपेन चलाने वालों ने कॉकरोच इज़ बैक नाम से दूसरा एक्स अकाउंट शुरू कर दिया.

इसी के कॉल पर बीते छह जून को जंतर मंतर पर काफ़ी लोग इकट्ठा हुए. उसी दिन सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली लौटे थे और सीधे धरना स्थल पर पहुंचे थे.

इस प्रदर्शन में ज़्यादातर युवा शामिल थे और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

इस प्रदर्शन में ही सीजेपी की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर सात दिन के अंदर शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं होता है तो वो फिर प्रदर्शन करेगी.

युवा पीढ़ी के इस प्रदर्शन को दुनिया के अन्य देशों के मीडिया ने भी कवर किया और इसे 'जेन ज़ी का प्रदर्शन' बताया.

इस प्रदर्शन में पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे जिन्हें बीते मार्च में छह महीने जेल में रहने के बाद रिहा किया गया था. उन पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था.

इसी प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर इस प्रदर्शन को सिर्फ़ 'एक ट्रेलर' बताया था.

दीपके ने अपनी मांग को लेकर पुणे, अमृतसर, लखनऊ और जयपुर में भी प्रदर्शन किया.

सीजेपी ने 15 जून को जयपुर में शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया था. इसी दौरान कुछ लोगों ने अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की.

हालांकि दीपके ने इस घटना के बाद कहा था कि उनका हौसला बना हुआ है.

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