आयुष मलिक का कथित वीडियो आया सामने, हिंदू धर्म में वापसी की कह रहे बात

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उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले के दवा कारोबारी आयुष मलिक के इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अब एक ऐसा कथित वीडिया सामने आया है जिसमें आयुष मलिक पूजा करते नज़र आ रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि शामली पुलिस ने आयुष के कथित 'साज़िशन धर्म परिवर्तन' के आरोप में उनकी कथित पत्नी चांदनी क़ुरैशी और ससुर इस्लाम क़ुरैशी को गिरफ़्तार किया था.

इसके बाद वायरल हुए कई वीडियो में आयुष मलिक ने दावा किया था कि उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार करके अपना नाम मोहम्मद अली रख लिया था.

अब जो वीडियो सामने आया है उसमें आयुष मलिक वापस हिंदू धर्म अपनाने की बात कह रहे हैं.

बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि की है लेकिन शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि उन्हें इस बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं है.

नया वीडियो क्या है?

आयुष मलिक का जो कथित नया वीडियो सामने आया है उसमें उनके सिर पर बेहद कम बाल हैं और दाढ़ी कटी हुई है.

इस वीडियो में आयुष मलिक कह रहे हैं, "मेरा नाम आयुष मलिक है. मैं इस्लाम धर्म में चला गया था. मैंने धर्म बदल लिया था लेकिन आपकी परेशानी को देखते हुए, परिवार के हिसाब से और अपने मन से परिवार के मूल धर्म हिंदू धर्म में आकर पापा के प्यार की इच्छाओं में रहना चाहता हूं. आप मुझे माफ़ करना."

इस बयान के बाद आयुष मलिक पूजा करते नज़र आ रहे हैं. इस वीडियों में उनके साथ उनके पिता देवराज मलिक भी नज़र आ रहे हैं.

आयुष के पिता देवराज मलिक ने बीबीसी से कहा, "आयुष फिर से हिंदू बन गया है. यह वीडियो सही है, हमारी मौजूदगी में बनाया गया है. आयुष धर्म परिवर्तन के बाद से अपनी बहन के घर है. वह बहुत संवेदनशील है और अभी मीडिया को बयान देने की स्थिति में नहीं है."

स्थानीय हिंदुत्ववादी धर्मगुरू यशवीर महाराज के मुताबिक़, आयुष मलिक ने अपने परिजनों की मौजूदगी में अपने घर पर हिंदू धर्म में वापसी की है. उन्होंने आयुष मलिक का एक वीडियो भी मीडिया के साथ शेयर किया है.

यशवीर महाराज के मुताबिक़, हिंदू धर्मगुरू की मौजूदगी में आयुष मलिक ने धर्म परिवर्तन किया.

वहीं आयुष मलिक का 8 जून के बाद से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है. बीबीसी की टीम जब उनसे मिलने पहुंची थी तब वो पुलिस की मौजूदगी में अपने घर में नज़रबंद थे.

हालांकि स्थानीय पुलिस ने उन्हें नज़रबंद करने से इनकार किया था.

बीबीसी से बातचीत में यशवीर महाराज ने दावा किया था कि वो आयुष मलिक की हिंदू धर्म में वापसी करवाकर रहेंगे.

क्या था मामला?

शामली ज़िले के दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म में परिवर्तन किया था. उन्होंने अपनी कथित पत्नी और ससुर की गिरफ़्तारी के बारे में मीडिया से बात की थी.

शामली पुलिस ने 6 जून को आयुष मलिक उर्फ़ मोहम्मद अली के पिता देवराज मलिक की तरफ़ से दी गई शिकायत के बाद मुक़दमा दर्ज किया था.

इसके बाद आयुष के कथित 'साज़िशन धर्म परिवर्तन' के आरोप में उनकी कथित पत्नी चांदनी क़ुरैशी और ससुर इस्लाम क़ुरैशी को गिरफ़्तार किया गया था.

शामली पुलिस ने इस मामले में आयुष मलिक उर्फ़ मोहम्मद अली की पत्नी चांदनी क़ुरैशी के अलावा 9 नामजद अभियुक्तों और एक अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया था. इस मुक़दमें में चांदनी के परिवार से जुड़े लोगों के अलावा एक मौलवी को भी अभियुक्त बनाया गया है.

मामले के बारे में जानकारी देते हुए शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से कहा था, "क़रीब तीस साल के आयुष मलिक एक संपन्न परिवार से हैं, उनके पिता देवराज मलिक शामली शहर के बड़े दवा कारोबारी हैं और शामली के दवा व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष भी हैं. आयुष उनके चार बच्चों में सबसे छोटा है और अकेला बेटा है."

एसपी के मुताबिक़, "देवराज मलिक ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके बेटे को संपत्ति हड़पने के मक़सद से साज़िशन चांदनी क़ुरैशी के ज़रिए फंसाया गया और धर्म परिवर्तन कराया गया."

हालांकि इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए आयुष उर्फ़ मोहम्मद अली ने कहा था, "मेरे नाम प्रापर्टी नहीं हैं, मैंने अपने पिता को बोल दिया है कि वो अपनी संपत्ति मेरी बहनों और मेरी मां के नाम कर दें. प्रापर्टी को मुद्दा ना बनाया जाए."

पिता देवराज मलिक का दावा

देवराज मलिक ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था, "मुझे इसी साल फ़रवरी में पता चला कि मेरे बेटे ने धर्म परिवर्तन कर लिया है. हमने कई बार उससे वापस हिंदू धर्म अपनाने की गुज़ारिश की लेकिन वो नहीं माना. एक साज़िश के तहत उसे फंसाया गया और उसका धर्म परिवर्तन करवाया गया."

वहीं धर्म बदलने को लेकर अपने परिवार की प्रतिक्रिया पर आयुष मलिक ने कहा था, "मेरा परिवार नाराज़ है, वो कह रहे हैं कि हिंदू बनकर, हमारा बनकर रह, मैं उनसे कहता हूं कि मैं तुम्हारा ही हूं, उसके लिए हिंदू होना ज़रूरी नहीं, मैं अपनी नई धार्मिक पहचान के साथ रह सकता हूं."

देवराज मलिक ने ये दावा भी किया था कि उनके बेटे और चांदनी क़ुरैशी के निकाह का फ़र्ज़ी निकाहनामा क़रीब चार साल पहले बनवाया गया था.

पुलिस अब निकाहनामे की जांच भी कर रही है. वहीं आयुष मलिक ने मीडिया से कहा था कि निकाह उन्होंने अपनी मर्ज़ी से किया था.

इस घटना के चर्चा में आने के बाद से चांदनी क़ुरैशी का परिवार डरा हुआ है और अधिकतर लोग घर से बाहर हैं.

उनके चाचा फ़रमान अली ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था, "मेरे भाई फल के कारोबारी हैं, उनकी बेटी फ़ीज़ियोथैरेपी सिखाती है. आयुष ने अपनी मर्ज़ी से धर्म बदला और शादी का प्रस्ताव दिया. वो ख़ुद ये बात बता रहा है. पुलिस इकतरफ़ा कार्रवाई कर रही है."

फ़रमान ने बताया था, "गंभीरता से जांच होने पर पूरी घटना का सच सामने आ जाएगा और साबित हो जाएगा कि आयुष ने ख़ुद धर्म बदला है या नहीं."

वहीं आयुष के पिता देवराज मलिक कहते हैं, "हमें पुलिस जांच पर पूरा भरोसा है और इस घटनाक्रम का पूरा सच सामने आ जाएगा."

शामली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मुक़दमा दर्ज किया है.

एफ़आईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 318(4), 336(3), 338, 61(2), 351(3), 308(5) हैं जो धोखाधड़ी, जालसाज़ी, जाली दस्तावेज़ का इस्तेमाल, आपराधिक साज़िश, धमकी और कथित तौर पर दबाव बनाकर आर्थिक लाभ हासिल करने से जुड़ी हैं.

उत्तर प्रदेश के धर्म परिवर्तन विरोधी क़ानून की धारा 3 और 5(1) भी जोड़ी गई हैं, जो बल, प्रलोभन, धोखे या अनुचित प्रभाव के ज़रिए कराए गए धर्म परिवर्तन को अपराध मानती हैं और इसके लिए सज़ा का प्रावधान करती हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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