फ्लाईदुबई फ्लाइट: कैप्टन स्मित मच्छर ने ऐसा क्या किया, जिन्हें ट्रंप से लेकर नेतन्याहू तक बता रहे हैं हीरो

इमेज स्रोत, @IsraelMFA
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में घायल भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर ने कथित तौर पर बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया था.
इसराइली यात्री यानिव हयून ने बुधवार को बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी.
हयून ने नेतन्याहू को बताया कि कॉकपिट का दरवाज़ा खुला हुआ था, लेकिन मच्छर दरवाज़े के इतने क़रीब थे कि उसे खोलना मुश्किल था.
उन्होंने कहा, "मेरा निष्कर्ष है कि उन्होंने अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए हमारे लिए दरवाज़ा खोल दिया और उसके बाद बेहोश हो गए."
बाद में नेतन्याहू ने एक्स पर दिए एक बयान में मच्छर की बहादुरी की तारीफ़ करते हुए इस घटना का ज़िक्र किया.
इसराइली प्रधानमंत्री ने लिखा, "हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों के साथ चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया. इससे हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई."
नेतन्याहू ने कहा कि मच्छर ने इसराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई.

इमेज स्रोत, Getty Images
स्मित ने हमले के दौरान क्या किया?
स्मित मच्छर की सोशल मीडिया पर भी काफ़ी तारीफ़ हो रही है. ईरान की एक महिला ने एक्स पर लिखा है, ''मेरे पति पायलट हैं. उन्होंने बताया कि पायलटों के पास कॉकपिट में एक स्विच होता है, जिससे अंदर से कॉकपिट का दरवाज़ा अनलॉक किया जा सकता है. इसलिए संभव है कि कैप्टन स्मित मच्छर ने सिर्फ़ मदद के लिए आवाज़ ही नहीं लगाई हो, बल्कि बेहोश होने से पहले उन्होंने वह स्विच भी दबाया हो, ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सकें.''
''अगर कॉकपिट का दरवाजा लॉक ही रहता, तो शायद कोई अंदर जाकर विमान को बचाने में मदद नहीं कर पाता. उन्हें सलाम. उनके उस एक फ़ैसले ने विमान में सवार सभी लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.''
इसराइली न्यूज़ वेबसाइट यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़ कई यात्रियों ने ज़ख़्मी मच्छर को प्राथमिक उपचार दिया.
इनमें इसराइली डेंटिस्ट शोता मुसायेव भी शामिल थे. विमान की ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद मच्छर को सऊदी अरब के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मुसायेव ने इसराइली मीडिया से बताया कि मच्छर गंभीर रूप से घायल थे और उनके सिर और हाथों से काफ़ी ख़ून बह रहा था. डेंटिस्ट ने ख़ून रोकने में मदद की. उन्होंने बताया कि इसके बाद मच्छर की हालत स्थिर हुई, लेकिन विमान की लैंडिंग के दौरान उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई.
मुसायेव ने यह भी बताया कि मच्छर बोलकर यह बताने में सक्षम थे कि दूसरे पायलट ने उन पर हमला किया था.
मच्छर अनुभवी पायलट हैं, नए पायलटों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
पीएम मोदी ने की तारीफ़

इमेज स्रोत, YT/Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ़्लाईदुबई फ़्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के 'साहस' की तारीफ़ की है.
पीएम मोदी ने गुरुवार को भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के 100 साल पूरे होने के कार्यक्रम के दौरान कैप्टन स्मित का ज़िक्र किया.
पीएम मोदी ने कहा, "कल एक घटना घटी थी जिसमें भारत के कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है. इसराइल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हिन्दुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया है. उनका यह पराक्रम हमें गौरव से भर देता है."
उन्होंने कहा, "मेरी कैप्टन स्मित के परिवार से भी बात हुई. आज पूरी दुनिया पर गर्व कर रही है. मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि सभी स्मित की दीर्घायु के लिए कामना करें और भारत का गौरव बढ़ाने वाले स्मित का अभिनंदन करें."
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक एक्स पोस्ट में स्मित को 'हीरो' भी बताया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित की प्रशंसा की थी.
कौन हैं स्मित
मच्छर लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट में एक दशक से ज़्यादा समय तक काम किया था. वहाँ वह ट्रेनिंग कैप्टन और नए पायलटों के मेंटर भी रहे.
उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने बोइंग 737-800 और 737 MAX 8 और 9 विमानों पर क़रीब 9,750 घंटे की उड़ान भरी है.
लिंक्डइन प्रोफाइल से यह भी पता चलता है कि मच्छर के बच्चे भी हैं.
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने कहा कि मच्छर को "उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के ताबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उन्हें ज़रूरी इलाज दिया जा रहा है."
दूतावास ने कहा कि उसे पायलट की सेहत को लेकर अभी पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन बताया गया है कि उनकी हालत स्थिर है. दूतावास के अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे मच्छर के परिवार के संपर्क में हैं.
पिछले साल कैप्टन मच्छर ने 'बोना-फाइड बैंटर' नाम के पॉडकास्ट पर बताया था कि उन्होंने विमान उड़ाने की ट्रेनिंग कैसे की और पायलट के तौर पर उनके अनुभव कैसे रहे.
उन्होंने कहा कि एविएशन "कभी भी बचपन का सपना नहीं था."
करीब 19 साल की उम्र में उन्होंने मैनेजमेंट कोर्स जॉइन किया था. तब उनकी योजना परिवार के कारोबार से जुड़कर काम करने की थी. लेकिन इसके बाद उन्होंने एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा, "मुझे इसका इसका जुनून सवार हो गया."
मच्छर ने यह भी बताया कि जब वह पायलट की वर्दी पहनते हैं, तो उनका रवैया "नो-नॉनसेंस" वाला होता था और उनका पूरा ध्यान "100 फीसदी काम पर" रहता है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि अब वह अपने शुरुआती दिनों की तुलना में स्वस्थ वर्क-लाइफ बैलेंस और परिवार के साथ समय बिताने को ज्यादा महत्व देते हैं.
इस पॉडकास्ट में उन्होंने उड़ान के दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में भी विस्तार से बताया.
उन्होंने एक घटना का ज़िक्र भी किया जब एक यात्री को समय से पहले प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी और क्रू ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चे का जन्म सुरक्षित तरीके से हो.
उन्होंने कहा, "एविएशन की भाषा में कहूं तो मैं खुशकिस्मत था कि मुझे ऐसे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला, जिन्होंने मुझे आज का पायलट बनने में मदद की."
उन्होंने तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना सिखाने के लिए वरिष्ठ पायलटों को इसका श्रेय दिया.
इस बातचीत के समय कैप्टन मच्छर ने कहा था कि जिस भी विमान को उन्होंने उड़ाया था, उसे कभी आपातकालीन लैंडिंग नहीं करनी पड़ी. हालांकि, उन्हें मेडिकल इमरजेंसी और विमान में आई छोटी-मोटी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिनकी वजह से उड़ान में देरी हुई.

इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप ने भी की स्मित की तारीफ़
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के पायलट को हीरो बताया. उन्होंने कहा कि पायलट ने को-पायलट के हमले का मुक़ाबला किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और मदद के लिए आवाज़ लगाई, जिससे विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश को नाकाम करने में मदद मिली.
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इइराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की थी.
ट्रंप के मुताबिक़, नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि एक प्लंबर, जिसने कभी विमान नहीं उड़ाया था, ने दुबई से तेल अवीव जा रही उस उड़ान को संभालने में अहम भूमिका निभाई, जो बाद में सऊदी अरब में उतरी.
ट्रंप ने कहा, "पायलट की हालत बहुत ख़राब थी. मेरा अनुमान है कि अब भी उनकी हालत बहुत ख़राब है. लेकिन उनमें इतनी सूझबूझ थी कि उन्होंने, यह वाक़ई कमाल था, एक तरह से वह हीरो थे."
ट्रंप ने कहा कि पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और मदद के लिए चिल्लाने में सफल रहे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "ऐसा लगता है कि को-पायलट शायद आतंकवादी था या शायद मानसिक रूप से असामान्य व्यक्ति, और उसने पायलट पर हमला किया."
इसके बाद ट्रंप ने एक इसरायली यात्री की "असाधारण" भूमिका का ज़िक्र किया, जिसकी पहचान उन्होंने एक प्लंबर के तौर पर की.
ट्रंप के मुताबिक, एक यात्री, जिसने कभी विमान नहीं उड़ाया था, कॉकपिट में गया, को-पायलट को उसकी सीट से खींचकर पीछे की ओर गिरा दिया. इसके बाद दूसरे यात्रियों ने उसे पकड़कर काबू में किया.
ट्रंप ने बताया कि बाद में उस यात्री ने कहा कि उसने टीवी कार्यक्रम एयर डिजास्टर्स देखकर विमान उड़ाने से जुड़े कुछ बुनियादी सिद्धांत सीखे थे.
ट्रंप ने कहा, "उसने बताया कि वह यह कार्यक्रम बहुत देखता है और उसे देखकर उसने कुछ हद तक विमान उड़ाना सीख लिया."
ट्रंप के मुताबिक, विमान के पिछले हिस्से में मौजूद अतिरिक्त पायलट और सुरक्षा कर्मी बाद में कॉकपिट तक पहुंचे और विमान का नियंत्रण संभाल लिया.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह सबसे अविश्वसनीय कहानी है."
हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह केवल उन्हें मिली जानकारी बता रहे थे और उन्होंने इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.



























