मिलिए सबसे कम उम्र के अरबपति जॉन से

John Collison
इमेज कैप्शन, जॉन कॉलिसन
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27 साल के जॉन कॉलिसन को थोड़ा अजीब लगता है जब लोग उन्हें दुनिया का सबसे कम उम्र का अपने दम पर बना अरबपति बताते हैं.

जॉन यूं तो आत्मविश्वास से भरे और आराम से घुलने-मिलने वाले नज़र आते हैं, लेकिन जैसे ही कोई पूछता है कि आपके पास कितना पैसा है, जॉन को समझ नहीं आता कि क्या कहें.

''लोग आजकल यह सवाल बहुत ज़्यादा पूछने लगे हैं. मुझे लगता है कि वे कोई दिलचस्प जवाब चाहते हैं, लेकिन मेरे पास उन्हें बताने के लिए कुछ नहीं है.''

John Collison
इमेज कैप्शन, एप्पल स्ट्राइप की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करता है

कोई महंगा शौक़ नहीं रखते जॉन

आयरिश मूल के जॉन अमरीका के सैन फ़्रांसिस्को में 'स्ट्राइप' नाम का एक सॉफ़्टवेयर बिज़नेस चलाते हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने अपने भाई पैट्रिक के साथ 2011 में की.

उनका सॉफ़्टवेयर कंपनियों को वेबसाइट चलाने और इंटरनेट के ज़रिए भुगतान लेने में मदद करता है.

दुनिया भर में एक लाख से भी ज़्यादा ग्राहकों वाली इस कंपनी की नेट वर्थ 9.2 अरब डॉलर बताई जाती है.

फ़ोर्ब्स के मुताबिक़ जॉन और उनके भाई अलग-अलग तक़रीबन 1.1 अरब डॉलर के मालिक होंगे.

पैट्रिक दुनिया के तीसरे सबसे कम उम्र के अरबपति हैं. स्नैपचैट के सहसंस्थापक इवान स्पीगल दोनों भाइयों के बीच दूसरे नंबर पर हैं.

जॉन बताते हैं, "लोग पूछते हैं कि अरबपति बनने के बाद आपकी ज़िंदगी कितनी बदली है? वे जानना चाहते हैं कि क्या मैं हीरे-जवाहरात से जड़े अंडों का संग्रह करना या याट रेसिंग जैसे महंगे शौक़ रखता हूं?''

लेकिन उन्हें ऐसा कोई शौक़ नहीं है. जॉन को दौड़ना अच्छा लगता है जिसे वे 'व्यावहारिक और बग़ैर खर्चे वाला शौक़ बताते हैं.'

John Collison

गांव से निकलकर हार्वर्ड पहुंचे जॉन

जॉन और पैट्रिक आयरलैंड के एक छोटे से गांव में बड़े हुए. दोनों को किशोर उम्र से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी थी.

स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों भाइयों ने अमरीका के बड़े कॉलेजों में पढ़ने का फ़ैसला किया.

अमरीका में वे किसी को नहीं जानते थे. इसके बावजूद पैट्रिक को 2007 में मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में दाख़िला मिल गया.

दो साल बाद जॉन भी हार्वर्ड विश्वविद्यालय पहुंच गए.

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कॉलेज से पहले एक कंपनी बनाकर बेच चुके थे जॉन

हार्वर्ड आने से पहले ही वे लखपति बन चुके थे.

उनका पहला बिज़नेस 'ऑक्टोमेटिक' छोटी कंपनियों और कारोबारियों को वेब पोर्टल 'ईबे' पर सामान बेचने में मदद करता था.

ऑक्टोमेटिक 2008 में 50 लाख डॉलर में बिका जिसके बाद दोनों भाइयों ने पूरा ध्यान स्ट्राइप पर लगा दिया.

पढ़ाई बीच में आई तो दोनों भाइयों ने कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया और स्ट्राइप को लॉन्च किया.

"आपको लग रहा होगा कि एक ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करने में क्या मुश्किल हो सकती है. लेकिन इंटरनेट पर लोगों से पैसा कमाना बहुत मुश्किल काम है."

Deliveroo

सैकड़ों लोगों को रोज़गार मुहैया कराते हैं जॉन

जॉन आगे बताते हैं, "मुझे याद है कि मैंने पैट्रिक को कहा - कितना मुश्किल होगा, चलो कोशिश करके देखते हैं."

आज स्ट्राइप में 750 लोग काम करते हैं जिनमें से 500 सैन फ़्रांसिस्को में और 150 दुनिया की दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं.

जॉन और पैट्रिक सैन फ़्रांसिस्को में एक अपार्टमेंट लेकर रहते हैं. यह पूछने पर कि अरबपति होना कैसा लगता है, जॉन ने कहा,''यह सब सिर्फ़ कैलकुलेटर पर होता है. जो हो रहा है, वह ठीक है, लेकिन अभी करने के लिए बहुत कुछ बाक़ी है.''

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