इंडिगो ने कहा, “दिल्ली में ख़राब मौसम का असर उड़ानों के संचालन पर पड़ा है. हम मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और सुगम तरीके से मंज़िल तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.”
इंडिगो ने कहा है कि जो भी मुसाफ़िर दिल्ली से फ़्लाइट की यात्रा करने वाले हैं वो वेबसाइट के ज़रिए इसका स्टेटस पता कर लें.
इसके साथ ही इंडिगो ने सलाह दी है कि जिन लोगों को फ़्लाइट के लिए एयरपोर्ट आना हो, वो ट्रैफ़िक को ध्यान में ज़रूर रखें.
वहीं स्पाइस जेट ने भी कहा है कि ख़राब मौसम का उड़ानों पर असर पड़ने की संभावना है. इसलिए मुसाफ़िरों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी फ़्लाइट का स्टेटस वेबसाइट पर देख लें.
राजस्थान: 13 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने 108 गांवों की महापंचायत क्यों बुलाई?, मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, बीते 13 दिनों से बड़ी संख्या में धौलपुर और करौली ज़िलों के ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं
राजस्थान में धौलपुर ज़िले के सरमथुरा में बीते 13 दिनों से बड़ी संख्या में धौलपुर और करौली ज़िलों के ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं.
25 अगस्त को इन्होंने दोनों ज़िलों के 108 गांवों की महापंचायत का आह्वान किया है.
ग्रामीण 'प्रस्तावित धौलपुर-करौली टाइगर रिज़र्व के प्रोजेक्ट' का विरोध कर रहे हैं.
टाइगर रिज़र्व नोटिफिकेशन साल 2023 के मुताबिक़ क्षेत्र रिजर्व के लिए चिन्हित किया गया है, इस क्षेत्र में आने वाले 108 गांवों को अब विस्थापन का डर सता रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में ज्ञापन सौंपे हैं. लेकिन, सुनवाई नहीं होने के बाद अब यह एक बड़े आंदोलन की राह पर धरने पर बैठ गए हैं.
ग्रामोत्थान संस्था के अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "मौजूदा रिकॉर्ड के अनुसार धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1,057.88 वर्ग किलोमीटर है. जिसमें 599.64 वर्ग किमी क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और 458.24 वर्ग किमी बफर क्षेत्र शामिल है."
वह कहते हैं, "लोगों को अब अपने आशियाने, रोज़गार और खेती की ज़मीनों से बेदखल होने का डर सता रहा है."
रघुवीर प्रसाद ने राज्य प्रशासन से लेकर दिल्ली तक पत्र लिख कर आंदोलनकारियों की मांगे रखी हैं.
ग्रामीणों की मांगें हैं कि धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाए और मानव आबादी वाले क्षेत्रों, गांवों और खनन क्षेत्रों को इससे पूरी तरह बाहर किया जाए.
दूसरी मांग है कि जब तक सभी गांवों की ग्राम सभाओं में वन अधिकार अधिनियम के तहत दावों का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार के विस्थापन पर तुरंत रोक लगाई जाए.
आंदोलनकारी अपनी तीसरी मांग बताते हुए दो बार टाइगर रिज़र्व के क्षेत्रफल को बढ़ाने का आरोप लगाते हुए जांच की भी मांग करते हैं.
उनकी तीसरी मांग है कि क्षेत्रफल में आई विसंगतियों और अवैध सीमा विस्तार की जांच के लिए एक स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.
कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान ख़ान पर ये कहा
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इमेज कैप्शन, पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि इमरान ख़ान के साथ जेल में मानवता वाला व्यवहार होना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज क्रिकेटर इमरान ख़ान को अच्छा इलाज और सुविधाएं दी जानी चाहिए.
कपिल देव ने कहा कि वह पाकिस्तान के क़ानून पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इमरान के साथ जेल में मानवता वाला व्यवहार होना चाहिए.
उन्होंने सोमवार को कहा, "हम उस देश के क़ानून को नहीं जानते. लेकिन हर क़ैदी को, चाहे वह कोई भी हो, मानवता वाला व्यवहार और ज़रूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए. वह देश के पूर्व प्रधानमंत्री और दुनिया के बड़े क्रिकेटर रहे हैं."
उन्होंने इमरान ख़ान को लेकर कहा, "मैं अपने उस दोस्त का समर्थन करता हूं, जिसके साथ हमने खेला और जिनकी क्रिकेट स्किल्स की सराहना की."
कपिल देव ने कहा, "हम बस यह चाहते हैं कि उन्हें सबसे अच्छा इलाज और सुविधाएं मिलें. हम यही मांग रहे हैं. हम कुछ और नहीं मांग रहे, हम किसी जवाब की मांग नहीं कर रहे, हम सिर्फ़ अपील कर रहे हैं."
गौरतलब है कि कपिल देव समेत क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर पीएम शहबाज़ शरीफ़ को पत्र भी लिखा है.
यशस्वी जायसवाल ने श्रीलंकाई गेंदबाज़ के साथ हुई तीखी बहस पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल ने श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ असिथा फर्नांडो के साथ हुई तीखी बहस को लेकर हो रही आलोचना का जवाब दिया है.
उन्होंने कहा कि लोगों को इस घटना पर फ़ैसला देने से पहले यह जानना चाहिए कि फर्नांडो ने उनसे क्या कहा था.
दरअसल, कोलंबो टेस्ट (भारत बनाम श्रीलंका) के दौरान यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट होने के असिथा फर्नांडो से भिड़ गए थे. इस दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी.
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए क्रिकबज़ के एक वीडियो पर कमेंट करते हुए जायसवाल ने लिखा, "अगर आपको नहीं पता कि उसने क्या कहा, तो कृपया फ़ैसला न करें. अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उसे बताना होगा कि भारत लड़ेगा और जवाब देगा."
उल्लेखनीय है कि जायसवाल ने जिस वीडियो पर कमेंट किया, उसमें जाने-माने कमेंटेटर हर्षा भोगले कह रहे थे कि जायसवाल के लिए सबसे आसान तरीका यही होता कि वो बस वहां से चले जाते.
राहुल गांधी के 'मनुस्मृति' वाले बयान पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
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इमेज कैप्शन, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह होना चाहिए
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के 'मनुस्मृति' वाले बयान को लेकर उन पर सोमवार को तीखा हमला बोला है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर देश के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में एक बयान दिया है कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर अब बाहर आ जाएं. देश उनसे राहुल गांधी के रूप में बहुत अपेक्षा नहीं करता है, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में देश आपको लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनाता है."
उन्होंने कहा, "संविधान की शपथ लेकर आप भारत की परंपरा और विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं. आप उत्तर प्रदेश के बाहर जाते हैं तो यूपी को अपमानित करते हैं और भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं."
"आतंकवाद के ख़िलाफ़ देश की लड़ाई में देशद्रोही तत्वों को आप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं. अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर आपकी पार्टी प्रश्न खड़ा करती है और लोकतंत्र के प्रति आपकी निष्ठा क्या है, यह तो देश ने 1975 में आपातकाल के काले साये को देखा है."
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "ऐसा कौन है जिसके जीवन में किसी न किसी रूप में महिला का सहारा न हो- चाहे वह मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में हो? ऐसा कौन व्यक्ति है? क्या बिना पिता के कोई बेटी होती है? क्या बिना भाई के कोई बहन होती है? क्या कोई पत्नी पति के बगैर अपने अस्तित्व को मानती है. क्या कोई मां बेटे के बगैर अपने अस्तित्व को पूर्ण मानती है."
गौरतलब है कि पुणे में राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मनुस्मृति का ज़िक्र किया. राहुल ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में लिखे गए एक उद्धरण को शर्मनाक बताया था.
तमिलनाडु के सीएम जोसेफ़ विजय ने महिलाओं के लिए की बड़ी घोषणा
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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री जोसेफ़ विजय ने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा योजना 2 अक्तूबर, गांधी जयंती के दिन लागू की जाएगी (फ़ाइल फ़ोटो)
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय ने सोमवार को विधानसभा में महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा योजना के विस्तार की घोषणा की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अब पात्र महिलाएं शहरी क्षेत्रों में चलने वाली एक्सप्रेस और डीलक्स सरकारी बसों में भी फ़्री यात्रा कर सकेंगी.
वहीं, उपनगरीय और पहाड़ी इलाकों में नियमित किराये वाली सरकारी बसों में भी महिलाओं से किराया नहीं लिया जाएगा.
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि योजना के तहत फ़्री यात्रा का लाभ लेने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होगी और न ही यात्राओं की संख्या से जुड़ी कोई शर्त होगी.
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा योजना 2 अक्तूबर, गांधी जयंती के दिन लागू की जाएगी. इस योजना के विस्तार से राज्य सरकार पर हर साल क़रीब 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
उन्होंने परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को बंद करने की भी घोषणा की. इस परियोजना का किसानों ने जोरदार विरोध किया था. किसान अपनी खेती की ज़मीन नहीं देना चाहते थे.
एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने 'दिमाग़ी नक्सल' को लेकर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, एडिटर्स गिल्ड ने सोमवार को बयान जारी कर बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के बयान का भी उल्लेख किया है (सांकेतिक तस्वीर)
एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पत्रकारों और सरकार की आलोचना करने वाले लोगों को ‘दिमाग़ी नक्सल’ बताए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है.
गिल्ड ने ख़ास तौर पर वरिष्ठ पत्रकार और गिल्ड के पूर्व अध्यक्ष राजदीप सरदेसाई को निशाना बनाए जाने की निंदा की है.
एडिटर्स गिल्ड ने सोमवार को जारी बयान में बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऐसे ‘दिमाग़ी नक्सल’ नक्सलियों का समर्थन करते हैं और उन्हें बौद्धिक मदद देते हैं.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि ये लोग सुरक्षा बलों के जवानों की मौत का जश्न मनाते हैं और संसद के ज़रिए समाधान खोजने के बजाय सड़कों पर कार्रवाई की बात करते हैं.
एडिटर्स गिल्ड ने कहा, "राजदीप सरदेसाई ने पत्रकार और टीवी एंकर के रूप में अपने लंबे करियर में ख़बरों को तथ्यों के आधार पर पेश किया और उनका विश्लेषण किया है. किसी भी तरह से उनके काम और बयानों को ‘दिमाग़ी नक्सल’ का काम नहीं कहा जा सकता."
गिल्ड ने कहा, "ऐसे हमले हमारे देश की लोकतांत्रिक छवि को कमज़ोर करते हैं और मीडिया की आज़ादी को और कम करते हैं, जिसे हमारे संविधान में बोलने की आज़ादी के अधिकार के तहत जगह दी गई है."
"स्वतंत्र मीडिया के लिए लगातार कम होती जगह की वजह से 2026 वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर पहुंच गया है."
गिल्ड ने बीजेपी के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से अपील की है कि वे अपना काम करने वाले मीडिया पेशेवरों को 'जनता के दुश्मन' के रूप में दिखाने की कोशिश न करें.
अमेरिका की 'सबसे बड़े आर्थिक हमले' की धमकी पर आईआरजीसी ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका की यह धमकी उसकी नाकामी को दिखाती है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका ने ईरान पर सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने की चेतावनी दी है, जिस पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने प्रतिक्रिया दी है.
आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबीबी ने कहा कि इस तरह की धमकी देना एक तरह से अमेरिका की नाकामी है.
दरअसल, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने वाला है.
इस पर आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका की ओर से आर्थिक हमले की बात करना असल में सैन्य मोर्चे पर बड़ी नाकामी की अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है."
मोहेबीबी ने कहा, "दुश्मन ताक़तों को अपने जहाज़ों को काफ़ी पीछे हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. जबकि होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने या ईरान की रक्षा क्षमता को तोड़ने की कोशिशें भी नाकाम रही हैं."
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी के प्रवक्ता ने ईरानी मीडिया से अपील की कि वह युद्ध की असली स्थिति और इसमें शामिल पक्षों की सही जानकारी लोगों को दें.
ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र: अमरावती के अस्पताल में आग लगने से तीन नवजातों की मौत, नितेश राउत, बीबीसी मराठी के लिए, अमरावती
इमेज कैप्शन, दमकल कर्मियों ने छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया
महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के ज़िला महिला अस्पताल की एनआईसीयू (चाइल्ड यूनिट) में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई.
अमरावती के ज़िला सर्जन डॉ विनोद पवार ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह करीब 3:30 बजे मिली.
जिस वार्ड में आग लगी, उसमें नौ बच्चे थे. दमकल कर्मियों ने छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन तीन बच्चों को निकालने में वे असफल रहे.
डॉ पवार ने यह भी बताया कि जिन छह बच्चों को सुरक्षित निकाला गया था, उनकी हालत अब स्थिर है.
अमरावती ज़िले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार मृतक बच्चों के परिजनों के साथ खड़ी है.
उन्होंने कहा, "मैं ज़िला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं और मैंने उन्हें सभी आवश्यक निर्देश दे दिए हैं. प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है. मैंने इस संबंध में अधिकारियों से भी चर्चा की है."
गिनी में कचरे का पहाड़ ढहने से 30 लोगों की मौत, 22 घायल, जारोस्लाव लुकीव
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इमेज कैप्शन, सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए सेना समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया है
गिनी की राजधानी कोनाक्री में भारी बारिश के बाद कचरे का पहाड़ ढहकर आसपास के घरों पर जा गिरा, इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई.
वहीं, 22 अन्य घायल हुए हैं. घायलों में छह की हालत गंभीर बताई जा रही है.
हादसा शहर के डार-एस-सलाम इलाक़े में स्थानीय समयानुसार रात क़रीब दो बजे हुआ. गिनी सरकार के मुताबिक़, भारी बारिश के बाद कचरे का ढेर अचानक ढह गया, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है.
सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए सेना समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को मौके पर तैनात किया है.
स्थानीय मीडिया से बातचीत में एक महिला ने बताया कि हादसे में उसके पांच बच्चों की मौत हो गई. अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे और लोग दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बा ने स्थिति का जायज़ा लिया.
इससे पहले स्थानीय नेता लांसिने सिला ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया था कि हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि अब तक 18 शवों को निकालकर मुर्दाघर भेजा जा चुका है.
न्यूयॉर्क: गोलीबारी की घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत, वाणिज्य दूतावास ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी की घटना में भारतीय नागरिक की मौत हुई (सांकेतिक तस्वीर)
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में गोलीबारी की एक घटना में भारतीय नागरिक की मौत हो गई. न्यूयॉर्क स्थित भारतीय कॉन्सुलेट ने इसकी पुष्टि की है.
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बताया है कि घटना में मरने वाले शख़्स का नाम गुरदीप सिंह है और अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं.
दूतावास ने लिखा, "हमें भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह के असमय निधन की ख़बर से बहुत दुख हुआ. न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी की घटना में उनकी अपनी जान चली गई."
भारतीय कॉन्सुलेट ने आगे लिखा, "इस मुश्किल समय में हमारी संवेदनाएं और दिल से सहानुभूति उनके परिवार के साथ हैं. दूतावास परिवार के संपर्क में है और हर संभव मदद कर रहा है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शुक्रवार रात ईस्ट न्यूयॉर्क इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ कहासुनी के बाद 27 वर्षीय गुरदीप सिंह को गोली मारी गई.
वारदात के बाद अभियुक्त मौके से फरार हो गया. पैरामेडिक्स ने गुरदीप को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला करेंगे
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का दावा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त को ख़त्म कर दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा 'आर्थिक हमला' करने वाला है.
स्कॉट बेसेंट ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त ख़त्म कर दी और अब आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा अभियान शुरू होगा.
वित्त मंत्री बेसेंट ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताक़त को ख़त्म कर दिया है, उसकी क़रीब 100 फ़ीसदी सैन्य फ़ैक्ट्रियों को नष्ट कर दिया है और उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को ख़त्म कर दिया है."
"अब हम आख़िरी दौर में पहुंच रहे हैं. सुबह होते ही आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा अभियान शुरू होगा- किसी विरोधी के ख़िलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला."
उन्होंने लिखा, "ईरान के शासन ने सुरक्षा की गारंटी के नाम पर धमकी और दबाव के सहारे ख़ुद को चलाया है. उसे भरोसा था कि अगर कोई उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा, तो वो जवाबी हमला ज़रूर करेगा और अमेरिका की कार्रवाई को बातचीत के ज़रिए रोका जा सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप के आने के बाद अब यह दौर ख़त्म हो गया है. जो लोग ईरान का विरोध करने से डरते हैं, उन्हें अमेरिका को चुनौती देने की क़ीमत को कम नहीं आंकना चाहिए."
बेसेंट ने लिखा, "राष्ट्रपति ने ऐसी स्थिति बना दी है कि हर एजेंसी, हर अधिकार और उन सभी क़दमों का इस्तेमाल किया जा सके, जिनके बारे में कई लोगों ने सोचा था कि हम उन्हें कभी नहीं अपनाएंगे. हमारा लक्ष्य उस तानाशाही सरकार को सहारा देने वाले हर आर्थिक रास्ते को बंद करना है, जब तक कि ईरानी शासन पूरी तरह अकेला न रह जाए."
हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने अपनी इस एक्स पोस्ट में यह जानकारी नहीं दी कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ अब क्या क़दम उठाने वाला है.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ को क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने क्यों लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ से इमरान ख़ान को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर क्रिकेट जगत के 21 पूर्व कप्तानों ने पीएम शहबाज़ शरीफ़ को पत्र लिखा है.
पूर्व कप्तानों ने इमरान ख़ान को उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
क्रिकइन्फो के मुताबिक़, पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान को अस्पताल ले जाकर मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच कराने का निर्देश दिया था.
इस बोर्ड में इमरान ख़ान के निजी डॉक्टरों के साथ उनकी बहन डॉ उज़मा ख़ान को भी शामिल किया जाना था. अदालत ने उनके परिवार से साप्ताहिक मुलाक़ातें भी बहाल की थीं.
पूर्व कप्तानों ने दावा किया कि इमरान ख़ान को अस्पताल में केवल कुछ घंटे रखा गया. उनकी जाँच अदालत के निर्देशानुसार गठित मेडिकल बोर्ड के बजाय सरकार की ओर से नियुक्त टीम ने की. टीम ने उन्हें 'मेडिकली फ़िट' घोषित कर वापस अदियाला जेल भेज दिया.
यह प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को पूर्व कप्तानों की ओर से भेजा गया दूसरा पत्र है. इससे पहले इसी साल फ़रवरी में 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए पत्र लिखा था. उस समय इमरान ख़ान के परिवार ने दावा किया था कि आंख की समस्या के कारण उनकी एक आंख की रोशनी लगभग पूरी तरह चली गई है और जेल में उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है.
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इमेज कैप्शन, यह लगातार तीसरा मुक़ाबला था, जिसमें भारतीय टीम गोल नहीं कर सकी
भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में जगह नहीं बना सकी. नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेला गया मुक़ाबला 0-0 से ड्रॉ रहा.
भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना ज़रूरी था, लेकिन टीम गोल करने में नाकाम रही. जबकि ऑस्ट्रेलिया ने ड्रॉ के बाद टॉप-4 में जगह बना ली.
यह लगातार तीसरा मुक़ाबला है, जिसमें भारतीय टीम गोल नहीं कर सकी. इससे पहले नीदरलैंड्स ने भारत को 0-2 से हराया था, जबकि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मुक़ाबला भी 0-0 से ड्रॉ रहा था.
भारत की ओर से आख़िरी गोल 18 अगस्त को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में आया था. उस मैच में भारतीय टीम ने 6-1 से जीत दर्ज की थी.
भारत के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदें नीदरलैंड्स और चीन के मुक़ाबले के नतीजे पर भी टिकी थीं.
नीदरलैंड्स ने चीन को 4-1 से हराकर भारत के लिए समीकरण आसान कर दिए थे. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत हासिल करने पर भारतीय टीम टॉप-4 में पहुंच जाती.
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