आईपीएल नीलामी में सस्ते बिके जयदेव उनादकट की शानदार हैट-ट्रिक

जयदेव उनादकट
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इस साल के आईपीएल में राइज़िंग पुणे सुपरजाइंट्स ने जब जयदेव उनादकट की 30 लाख की बोली लगाई तो लोगों को लगा कि अभी उन्हें और वक़्त चाहिए.

25 साल के उनादकट आईपीएल में तीन फ्रेंचाइजी के हिस्सा रहे. इससे पहले वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स में रह चुके थे.

लेकिन पिछले दो सालों में वह केवल दो मैच ही खेले थे. ये दोनों मैच उन्होंने केकेआर और दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ़ से खेले थे.

जयदेव की पहचान पुणे टीम में बनी. पुणे की टीम ने असफल हो रहे अशोक डिंडा के बदले जयदेव को प्राथमिकता दी. जयदेव को न केवल फर्स्ट 11 में जगह मिली बल्कि पुणे के पिछले आठ मैचों में उन्होंने अहम भूमिका भी अदा की.

जयदेव उनादकट

जयदेव ने 17 विकेट झटके हैं और उनका इकोनॉमी रेट 7.71 है. वह पुणे टीम में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं.

शनिवार को जयदेव उनादकट सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ पुणे के लिए वरदान साबित हुए. जयदेव ने चार ओवर में 30 रन देकर पांच विकेट झटके.

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आख़िरी ओवर में हैदराबाद को जीत के लिए 13 रनों की ज़रूरत थी लेकिन उनादकट ने अपने इस ओवर में बिना रन दिए हैट-ट्रिक लिया. उनादकट की बदौलत हैदराबाद की टीम 149 रन के स्कोर का पीछा नहीं कर पाई और 12 रनों से हार गई.

जयदेव उनादकट

सनराइजर्स हैदराबाद को आख़िरी ओवर में 13 रन की ज़रूरत थी और बिपुल शर्मा स्ट्राइक पर थे. जयदेव उनादकट ने पहली गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी जो कि एक धीमी गेंद थी. बिपुल शर्मा गेंद को छू तक ना सके.

जयदेव उनादकट ने दूसरी गेंद भी धीमी फेंकी जिस पर बिपुल शर्मा ने बड़ा स्ट्रोक खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद स्क्वेयर लेग पर खड़े बेन स्टोक्स के हाथों में आ गई.

जयदेव उनादकट ने तीसरी गेंद पर एक बार फिर धीमी गेंद का इस्तेमाल किया और राशिद खान उसे समझ ना सके. जयदेव उनादट ने अपनी ही गेंद पर राशिद खान का कैच लपक लिया. इस तरह उनादकट को ओवर में दूसरा विकेट मिला और इसके साथ-साथ तीसरी गेंद पर भी रन नहीं बना.

जयदेव उनादकट

जयदेव उनादकट ने चौथी गेंद पर भुवनेश्वर कुमार को भी शून्य पर आउट कर दिया. इस तरह उनादकट ने हैट-ट्रिक बनाया और मैच में अपने पांच विकेट पूरे कर लिए. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज़ आख़िरी ओवर की चौथी गेंद पर भी रन बनाने में नाकाम रहे.

उनादकट की पांचवी गेंद पर सिद्धार्थ कौल बल्लेबाज़ी करने आए, जिसे वो छू तक ना सके. अब सनराइजर्स हैदराबाद की हार तय हो गई थी क्योंकि आख़िरी गेंद पर टीम को 13 रन बनाने थे जो कि नामुमकिन था.

जयदेव उनादकट ने अपनी आख़िरी गेंद पर भी रन नहीं दिया. इस तरह उन्होंने अपनी टीम पुणे सुपरजाइंट्स को मैच तो जिताया ही, साथ में उन्होंने ओवर में हैट्रिक लेते हुए मेडन ओवर भी फेंक दिया.

जयदेव उनादकट

आईपीएल के इतिहास में उनादकट तीसरे गेंदबाज़ बन गए जिन्होंने मेडेन ओवर में हैट-ट्रिक कर दिखाया. इससे पहले इस मामले में सैमुअल बैड्री और लासिथ मलिंगा का शुमार था. इस पारी के बाद उनादकट ने कहा कि यदि आपके पास आत्मविश्वास है तो कुछ भी कर सकते हैं.

कौन हैं जयदेव?

जयदेव दीपकभाई उनदाकट का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. वह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ हैं. जयदेव 2010 विश्व कप न्यूज़ीलैंड में इंडिया की तरफ़ से अंडर-19 टीम का नेृतृत्व कर चुके हैं. इन्होंने पहली बार पोरबंदर के दलीप सिंह स्कूल ऑफ क्रिकेट के लिए खेला था.

जयदेव उनादकट

यहां अपने खेल से जयदेव ने कोच को प्रभावित किया था. विश्व कप के बाद ही जयदेव की एंट्री आईपीएल में हुई थी. तब कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए उन्हें चुना गया था.

वसीम अकरम केकेआर के बोलिंग कोच थे और वह जयदेव की गेंदबाज़ी से ख़ुश थे. जून 2010 में जयदेव के इंग्लैंड दौरे के लिए इंडिया ए में चुना गया. यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका डेब्यू था.

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