डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी इतने घंटे की 'डेडलाइन', इसराइल के 'परमाणु ठिकाने' पर ईरान का हमला

डोनाल्ड ट्रंप
इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि, 'अमेरिका उसके पावर प्लांट उड़ा देगा'
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 5 मिनट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को एक नई डेडलाइन दी है.

उन्होंने कहा कि होर्मुज़ को पूरी तरह से खोलने के लिए 'ईरान के पास 48 घंटे हैं.'

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, "अगर ईरान ने बिना किसी धमकी के अगले 48 घंटों में होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा और इसकी शुरुआत होगी उनके सबसे बड़े प्लांट से."

शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ऐसे समय आई, जब कुछ घंटों पहले ईरान की दो मिसाइलों ने दक्षिणी इसराइल को निशाना बनाया, जिसमें इसराइल का अघोषित परामाणु ठिकाना भी शामिल है. इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जो जंग शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

ट्रंप ने ताज़ा पोस्ट भारतीय समयानुसार रविवार सुबह क़रीब 5 बजे किया.

होर्मुज़ स्ट्रेट वो समुद्री रास्ता है जहां से होकर दुनिया के क़रीब 20 फ़ीसदी तेल की सप्लाई होती है.

ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद से ही होर्मुज़ पर तेल सप्लाई लगभग रुकी हुई है.

होर्मुज़ स्ट्रेट की अहमियत

होर्मुज़ स्ट्रेट

होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक है. इसे ईरान ने 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद से प्रभावी रूप से बंद कर दिया है.

यह जलमार्ग उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से घिरा हुआ है. इसकी चौड़ाई प्रवेश और निकास पर लगभग 50 किलोमीटर (31 मील) और सबसे संकरे हिस्से में लगभग 33 किलोमीटर है.

यह खाड़ी देशों को अरब सागर से जोड़ता है.

दुनिया के लगभग 20% तेल और लिक्वीफ़ाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का परिवहन आम तौर पर इसी स्ट्रेट से होता है.

इसमें केवल ईरान ही नहीं, बल्कि क़तर, इराक़, क़ुवैत, और यूएई जैसे दूसरे खाड़ी देशों का तेल भी शामिल है.

होर्मुज़ बंद होने का असर

होर्मुज़ स्ट्रेट

आमतौर पर हर महीने लगभग 3,000 जहाज़ इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या काफ़ी घट गई है, क्योंकि ईरान ने टैंकरों और अन्य जहाज़ों पर हमले की धमकी दी है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के 18 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 21 जहाज़ों पर या तो हमला हुआ है, उन्हें निशाना बनाया गया है या उन्होंने हमलों की सूचना दी है.

युद्ध के बाद ग्लोबल एनर्जी क़ीमतों में तेज़ उछाल आया है. कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है-जो इस साल लगभग 70% और पिछले साल की तुलना में करीब 50% ज़्यादा है.

ईरान के बारे में और क्या बोले ट्रंप?

पिछले कुछ घंटों में डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को लेकर कुछ नए बयान साझा किए हैं.

ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का जवाब देते हुए पोस्ट किया, "अमेरिका ने ईरान को नक्शे से मिटा दिया है."

इस रिपोर्ट में ट्रंप के युद्ध रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया है, जिसका शीर्षक है- ट्रंप इस हाइडिंग द ट्रुथ अबाउट वॉर इन ईरान.

उन्होंने इस आरोप को ख़ारिज किया कि वह ईरान में अपने लक्ष्यों को हासिल करने में 'असफल रहे हैं.' उन्होंने कहा, "हाँ, मैंने हासिल किया है और तय समय से कई हफ़्ते पहले."

उन्होंने आगे कहा, "उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है, उनकी नौसेना और वायुसेना तबाह हो चुकी हैं, उनके पास बिल्कुल कोई रक्षा नहीं बची है और वे समझौता करना चाहते हैं. मैं नहीं चाहता."

ईरान का जवाब

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़
इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ के मुताबिक़ इसराइल, 'ईरान की मिसाइलों को नहीं रोक पा रहा है'

वहीं समाचार एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़ ट्रंप की धमकी पर ईरान की सेना ने कहा है कि वो क्षेत्र में अमेरिका और उससे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्रों, डीसैलिएशन ढांचे (पानी शुद्ध करने वाले प्लांटों) पर हमले करेगी.

इसके पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़री ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर पोस्ट किया, "ऐसा लगता है कि इसराइल और अमेरिका के साथ युद्ध को लेकर पहले से तय अगली रणनीतियों को लागू करने का समय आ गया है."

ग़ालिबाफ ने कहा, "अगर इसराइल भारी सुरक्षा वाले डिमोना क्षेत्र में भी मिसाइलों को नहीं रोक पा रहा है, तो यह ऑपरेशन के लिहाज़ से इस बात का संकेत है कि संघर्ष एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है. इसराइल का आसमान अब असुरक्षित है."

इसराइल के 'न्यूक्लियर ठिकाने' पर ईरान का हमला

21 मार्च को डिमोना पर ईरानी मिसाइल हमले के एफ़पीटीवी फ़ुटेज का स्क्रीनशॉट
इमेज कैप्शन, 21 मार्च को डिमोना पर ईरानी मिसाइल हमले के एफ़पीटीवी फ़ुटेज का स्क्रीनशॉट
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

ईरान के ताज़ा हमलों ने इसराइल की मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम को पार कर लिया और रिहायशी इमारतों के बाहरी हिस्सों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. वहां जमीन में बड़े बड़े गड्ढे बन गए.

रेस्क्यू टीम के अनुसार, अरद शहर में 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है. इससे कुछ घंटे पहले पास के डिमोना में 33 लोग घायल हुए. एएफ़पीटीवी की फ़ुटेज में ज़मीन में बड़ा गड्ढा, मलबा और बड़ी तबाही दिखाई दी.

डिमोना में एक ऐसा केंद्र है, जिसे मध्य पूर्व के इकलौते परमाणु हथियार भंडार का स्थान माना जाता है, हालांकि इसराइल ने कभी आधिकारिक रूप से परमाणु हथियार रखने की बात स्वीकार नहीं की है.

इसराइली सेना ने एएफ़पी को बताया कि डिमोना में एक इमारत पर "सीधा मिसाइल हमला" हुआ. कई जगहों पर हताहतों की जानकारी मिली है, जिनमें 10 साल का एक बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत छर्रे लगने से गंभीर है.

अरद में राहतकर्मी भारी नुकसान झेल चुकी इमारतों के मलबे में खोजबीन करते रहे.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने 'हर मोर्चे पर' जवाब देने की बात कही.

नेतन्याहू ने इस हमले को 'बहुत कठिन शाम' बताया और ईरान पर हमले जारी रखने की बात कही. कुछ घंटों बाद इसराइली सेना ने बताया कि उसने तेहरान पर हमलों की एक श्रृंखला शुरू की है.

ईरान ने कहा कि डिमोना पर हमला, उसके नतांज़ परमाणु केंद्र पर इसराइली हमले का जवाब है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसके बलों ने दक्षिणी इसराइल के अन्य शहरों के साथ कुवैत और यूएई में सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया.

नतांज़ हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी प्रमुख राफ़ेल ग्रासी ने 'सैन्य संयम' बरतने की अपील दोहराई, जिससे किसी परमाणु दुर्घटना का ख़तरा टाला जा सके.

नतांज केंद्र में भूमिगत सेंट्रीफ्यूज मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन में होता है. इस केंद्र को जून 2025 के युद्ध में भी नुकसान पहुंचा था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.