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गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है, इसका पता कैसे चलता है और इलाज क्या है?
- Author, डॉक्टर हिमानी
- पदनाम, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 9 मिनट
"अचानक मेरे पेट के दाहिने हिस्से में बहुत तेज दर्द होने लगा. मुझे लगा कि यह गैस की वजह से होगा. दवा लेने के बावजूद दर्द कम नहीं हुआ. आखिरकार जांच करवाने पर पता चला कि मुझे पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) की पथरी है."
कई लोग इस तरह का अनुभव साझा करते हैं.
गॉल ब्लैडर की पथरी (स्टोन) दुनिया भर में पाई जाने वाली पाचन तंत्र से संबंधित एक आम बीमारी है.
इससे पीड़ित कई लोगों में वर्षों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है, जैसे तेज दर्द, संक्रमण, जॉन्डिस और में सूजन.
यदि समय रहते इसकी पहचान और सही उपचार कर लिया जाए, तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
1. पित्त क्या होता है?
गॉल ब्लैडर लिवर के नीचे स्थित एक छोटा थैलीनुमा अंग होता है. इसकी लंबाई लगभग 7 से 10 सेंटीमीटर होती है.
इसका मुख्य काम लिवर द्वारा प्रतिदिन बनाए जाने वाले बाइल (पित्त) को अस्थायी रूप से इकट्ठा करना होता है.
2. गॉल ब्लैडर में पथरी कैसे बनती है?
पित्ताशय में मुख्य रूप से तीन तत्व होते हैं:
- कोलेस्ट्रॉल
- बाइल सॉल्ट्स
- बिलीरुबिन
जब इन तीनों तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो छोटे-छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं. समय के साथ ये क्रिस्टल बड़े होकर पथरी का रूप ले लेते हैं.
गॉल ब्लैडर में पथरी बनने की वजह-
- पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होना
- गॉल ब्लैडर का पूरी तरह से खाली न हो पाना
- बिलीरुबिन का अत्यधिक उत्पादन होना
- गॉल ब्लैडर में संक्रमण या सूजन होना
3. गॉल ब्लैडर की पथरी कितने प्रकार की होती है?
1. कोलेस्ट्रॉल की पथरी
इस प्रकार की पथरी सबसे आम होती है, जो लगभग 80 प्रतिशत मामलों में बनती है.
2. पिगमेंट पथरी
यह बिलीरुबिन का स्तर बढ़ने के कारण बनती है. यह आमतौर पर लिवर की बीमारियों या कुछ खून से संबंधित बीमारियों में विकसित होती है.
3. मिश्रित पथरी
यह कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और बिलीरुबिन के मिश्रण से बनती है.
4. सबसे अधिक ख़तरा किसे होता है?
डॉक्टर 5F फॉर्मूला को याद रखते हैं-
- फीमेल: महिलाओं में यह समस्या अधिक होती है
- फोर्टी: 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- फैट : शरीर का अधिक वजन
- फर्टाइल: ऐसी महिला जो गर्भवती हो सकती है
- फेयर: पश्चिमी देशों में रहने वाले गोरी त्वचा वाले लोग
5. अन्य जोखिम कारक क्या हैं?
- मोटापा
- शुगर
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- गर्भावस्था
- एस्ट्रोजन हार्मोन की दवाइयाँ
- परिवार में पहले किसी को गॉल ब्लैडर की पथरी होना
- लंबे समय तक व्रत रखना या भूखे रहना
- तेजी से वजन कम होना
- बहुत अधिक वसा वाला भोजन
- कम फाइबर वाला भोजन
- लिवर की बीमारियाँ
- हीमोलिटिक एनीमिया
- बढ़ती उम्र
- भारत में गॉल ब्लैडर की पथरी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है. लगभग 5 से 15 प्रतिशत लोग अपने जीवन में कम से कम एक बार गॉल ब्लैडर की पथरी से पीड़ित हो सकते हैं.
- यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 2 से 3 गुना अधिक पाई जाती है और 40 वर्ष की उम्र के बाद इसका ख़तरा बढ़ जाता है.
- यह समस्या युवाओं में भी देखी जाती है, जिसका मुख्य कारण बढ़ता मोटापा, व्यायाम में कमी और फास्ट फूड का अधिक सेवन हैं.
6. गॉल ब्लैडर की पथरी के लक्षण क्या हैं?
अधिकतर लोगों में अल्ट्रासाउंड के दौरान संयोग से इस बीमारी का पता चलता है.
लक्षण कब दिखाई देते हैं?
पेट के दाहिने हिस्से में तेज दर्द
कंधे या पीठ तक फैलने वाला दर्द
वसा वाला भोजन खाने के बाद दर्द होना
घबराहट होना
उल्टियाँ
बदहजमी
पेट फूलना
गैस बनना
खतरे के संकेत
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण हों, तो निश्चित रूप से अस्पताल जाना चाहिए:
बुखार
कंपकंपी होना
पीलिया
आँखों का पीला होना
पेशाब का गहरा रंग
सफेद या फीके रंग का मल
पेट में बहुत तेज दर्द
लगातार उल्टियाँ होना
7. गॉल ब्लैडर की पथरी की जांच कैसे होती है?
- अल्ट्रासाउंड: यह एक बहुत ही आसान, कम लागत वाला और बहुत सटीक टेस्ट है
- खून की जाँच: सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट, सीरम बिलीरुबिन और लिवर एंजाइम्स की जाँच की जाती है
- एमआरसीपी और सीटी स्कैन: बाइल डक्ट्स में पथरी का शक होने पर सीटी स्कैन या एमआरसीपी करवाया जाता है
- ईआरसीपी: इसका उपयोग केवल पथरी का पता लगाने के लिए ही नहीं, बल्कि कुछ मामलों में पथरी निकालने के लिए भी किया जाता है
8. इलाज क्या है?
- जिन लोगों में गॉल ब्लैडर की पथरी के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते, उनमें से अधिकतर लोगों को किसी इलाज की आवश्यकता नहीं होती
- डॉक्टर की निगरानी में रहना ही पर्याप्त होता है
- यदि लक्षण बने रहते हैं और दर्द बार-बार होता है, तो सर्जरी एक अच्छा समाधान है
- लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी-यह वर्तमान समय में विश्व स्तर पर एक मानक इलाज तकनीक है, जिसके द्वारा गॉल ब्लैडर को निकाल दिया जाता है
- लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के फायदे:
- छोटे चीरे
- कम दर्द
- कम खून बहना
- जल्दी स्वास्थ्य लाभ
- एक-दो दिन में अस्पताल से छुट्टी
- जल्दी ठीक होना
9. इमरजेंसी सर्जरी की आवश्यकता कब पड़ती है?
- गॉल ब्लैडर में तेज़ सूजन
- गॉल ब्लैडर फटने का ख़तरा
- बाइल डक्ट में रुकावट
- पैन्क्रियाज में सूजन
- संक्रमण
क्या दवा से गॉल ब्लैडर की पथरी घुल सकती है?
कुछ विशेष परिस्थितियों में दवाइयों का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन यह सभी लोगों के लिए प्रभावी नहीं होती हैं.
छोटी कॉलेस्ट्रॉल पथरी वाले कुछ लोगों में दवा मददगार हो सकती है.
इसके इलाज में कई महीने या साल भी लग सकते हैं, लेकिन पथरी दोबारा बनने का खतरा अधिक रहता है. इसलिए सर्जरी को स्थायी समाधान माना जाता है.
10. क्या गॉल ब्लैडर निकालना ख़तरनाक होता है?
यह वह सवाल है जिससे कई लोग डरते हैं.
गॉल ब्लैडर निकालने के बाद भी लिवर बाइल बनाता रहता है, जो सीधे छोटी आंत में चला जाता है, इसलिए बहुत से लोग पूरी तरह सामान्य जीवन जीने में सक्षम होते हैं.
11. इलाज में देरी होने पर क्या होता है?
- गॉल ब्लैडर में तेज सूजन
- गॉल ब्लैडर में फोड़ा
- गॉल ब्लैडर के ऊतकों का नष्ट होना
- गॉल ब्लैडर में छेद हो जाना
- रुकावट के कारण पीलिया
- बाइल डक्ट में संक्रमण
- पैन्क्रियाज में सूजन
- आंतों में रुकावट
- गॉल ब्लैडर का कैंसर होने का भी एक दुर्लभ जोखिम होता है
12. क्या गॉल ब्लैडर की पथरी से बचा जा सकता है?
हालाँकि 100 प्रतिशत बचाव संभव नहीं है, लेकिन जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
- स्वस्थ वजन बनाए रखें
- मोटापा कम करें, लेकिन वजन में कमी अचानक नहीं होनी चाहिए
- वजन घटाने के ऐसे तरीकों से बचें जिनसे एक महीने में 2 से 4 किलो से अधिक वजन कम हो
- हर दिन कम से कम 30 से 45 मिनट व्यायाम करें
- फल, सब्जियाँ, अनाज और फाइबर से भरपूर संतुलित भोजन खाएँ
- फास्ट फूड, तली हुई चीजें, घी-मक्खन, ट्रांस फैट और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें
- हर दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ
- यदि शुगर है, तो इसे नियंत्रण में रखने से जोखिम कम हो जाता है
गॉल ब्लैडर की पथरी के बारे में आम धारणाएँ और सच्चाई
धारणा: गॉल ब्लैडर की पथरी होने पर सर्जरी की आवश्यकता होती है
तथ्य: अधिकतर ऐसे लोग जिनमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, उन्हें सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती
धारणा: आयुर्वेद या घरेलू नुस्खों से पथरी पूरी तरह घुल सकती है।
तथ्य: इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. स्वयं इलाज करना खतरनाक हो सकता है
धारणा: गॉल ब्लैडर निकालने से आपको जीवन भर पाचन संबंधी समस्या रहेगी
तथ्य: अधिकतर लोग सामान्य जीवन जीते हैं
14. आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
यदि आपको नीचे लिखे में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो बिना देरी किए अस्पताल जाना चाहिए
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में तेज दर्द
दर्द जो 4 से 6 घंटे से अधिक समय तक रहे
बुखार
उल्टियाँ
पीलिया
आँखों का पीला पड़ना
गहरे रंग का पेशाब
हालाँकि, आजकल गॉल ब्लैडर की पथरी आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अधिकतर लोगों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर जटिलताओं जैसे तेज दर्द, संक्रमण, पीलिया और पैन्क्रियाज की सूजन का कारण बन सकती है.
स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन, सही शरीर का वजन और नियमित व्यायाम से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है
यदि आपको पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में बार-बार दर्द होता है, तो स्वयं दवा लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लें और अल्ट्रासाउंड जाँच करवाना सबसे अच्छा है
इस समस्या का सबसे सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी इलाज आधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी है
समय पर जाँच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली ही गॉल ब्लैडर की पथरी से बचाव के मुख्य उपाय हैं
नोट: लेखक एक डॉक्टर हैं. इस लेख का उद्देश्य केवल चिकित्सा प्रक्रियाओं और इलाज के बारे में जागरूकता पैदा करना है. स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही लेना चाहिए.
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